Home » रांची से चाईबासा जेल शिफ्ट होते ही ‘लेडी डॉन’ रिया सिन्हा के पास से मोबाइल और 4 सिम बरामद
चाईबासा/रांची: झारखंड के आपराधिक गलियारों से इस वक्त की एक बेहद चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है। रांची की बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा (होटवार जेल) से चाईबासा मंडल कारा स्थानांतरित की गई महिला कैदी और ‘लेडी डॉन’ रिया सिन्हा के पास से जेल प्रवेश के दौरान मोबाइल फोन, चार्जर और 4 सिम कार्ड बरामद किए गए हैं।
सुरक्षा एजेंसियों को चकमा देने के लिए रिया ने इन सामानों को अपने कपड़ों में बेहद शातिर तरीके से छिपा रखा था। इस गंभीर चूक और बरामदगी के बाद चाईबासा के सदर थाना में रिया सिन्हा के खिलाफ नामजद प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर ली गई है।
🚨 ऐसे खुली ‘लेडी डॉन’ की पोल: तलाशी के दौरान मिला सामान
जेल प्रशासन से मिली जानकारी के अनुसार, सुरक्षा और प्रशासनिक कारणों से रिया सिन्हा को रांची से चाईबासा जेल शिफ्ट करने का आदेश दिया गया था। 24 जून को एस्कॉर्ट टीम उसे लेकर चाईबासा पहुंची। लेकिन जेल के मुख्य द्वार के अंदर प्रवेश करने से पहले जब महिला पुलिस अधिकारियों (डीएसपी मुख्यालय पूजा कुमारी और महिला थाना प्रभारी) द्वारा उसकी कड़ाई से मैन्युअल तलाशी ली गई, तो जेल प्रशासन के होश उड़ गए।
क्या-क्या हुआ बरामद?
स्मार्टफोन: पैंट की जेब में ब्लेजर से ढंककर छिपाया गया मेटालिक रंग का ‘Realme’ स्मार्टफोन।
सिम कार्ड: कुल 4 सिम कार्ड (जो टूटे हुए थे)।
एक्सेसरीज: ‘Vivo’ और ‘Boat’ कंपनी के चार्जर तथा चार्जिंग एडाप्टर।
दस्तावेज: इसके अलावा अंग्रेजी में लिखे कुछ पन्ने और लिखावट से भरी एक कॉपी भी जब्त की गई है।
👥 कौन है रिया सिन्हा और क्यों बदली गई थी जेल?
रिया सिन्हा कोई साधारण कैदी नहीं है, बल्कि वह झारखंड के सबसे खूंखार अपराधियों में शुमार गैंगस्टर सुजीत सिन्हा की पत्नी है।
गैंग का संचालन: आरोप है कि सुजीत सिन्हा के जेल (साहिबगंज जेल) में रहने के दौरान रिया ही बाहर से पूरे गिरोह को ऑपरेट कर रही थी।
गठबंधन की कड़ी: पुलिस तफ्तीश में सामने आया था कि वह ‘सुजीत सिन्हा गैंग’ और धनबाद के ‘प्रिंस खान गैंग’ के बीच एक मजबूत कड़ी के रूप में काम कर रही थी।
क्राइम नेटवर्क: कोयला कारोबारियों, ठेकेदारों से लेवी (रंगदारी) वसूलने और हथियार सप्लाई नेटवर्क को मैनेज करने के आरोप में रांची पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया था।
जेल आईजी के निर्देश पर उसे रांची से हटाकर चाईबासा जेल भेजा गया था ताकि उसका स्थानीय नेटवर्क पूरी तरह से ध्वस्त किया जा सके और उस पर 24 घंटे सीसीटीवी कैमरों के जरिए कड़ी नजर रखी जा सके। मगर जेल के दरवाजे पर ही मोबाइल और सिम की बरामदगी ने साबित कर दिया है कि सलाखों के पीछे जाने के बाद भी उसके इरादे कितने खतरनाक हैं। फिलहाल पुलिस इस बात की गहराई से तफ्तीश कर रही है कि रांची जेल से निकलने के बाद या रास्ते में यह मोबाइल और सिम उसके पास कैसे पहुंचे।
इस मामले की बैकग्राउंड स्टोरी समझने के लिए आप यह वीडियो देख सकते हैं: लेडी डॉन रिया अब जायेगी चाईबासा जेल, जानें क्यों। यह वीडियो रिया सिन्हा की रांची से चाईबासा जेल शिफ्टिंग के पीछे के प्रशासनिक कारणों और उसके आपराधिक इतिहास को विस्तार से समझाता है।