Home » झारखंड मतदाता सूची विशेष पुनरीक्षण: मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने दी सख्त हिदायत – केवल पात्र भारतीय नागरिक ही भरें इन्यूमरेशन फॉर्म
🚨 सावधान: गलत जानकारी देकर फॉर्म जमा किया तो होगी जेल, केवल पात्र भारतीय नागरिकों के लिए है SIR की प्रक्रिया
रांची: झारखंड में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने शनिवार को निर्वाचन सदन से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी प्रमंडलीय आयुक्तों को बिंदुवार प्रशिक्षण दिया। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि एसआईआर की प्रक्रिया केवल पात्र भारतीय नागरिकों के लिए है। अगर किसी गैर-भारतीय नागरिक या भारतीय नागरिकता त्याग चुके व्यक्ति ने गलत जानकारी देकर घोषणा पत्र जमा किया, तो लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 31 के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
📌 न्यूज़ हाइलाइट्स (मुख्य बातें)
📅 30 जून से 29 जुलाई: बीएलओ (BLO) घर-घर जाकर आंशिक रूप से भरे हुए इन्यूमरेशन फॉर्म बांटेंगे और फोटो के साथ हस्ताक्षर युक्त फॉर्म वापस लेंगे।
📑 5 अगस्त को प्रकाशन: इन्यूमरेशन फॉर्म जमा करने वाले हर मतदाता का नाम 5 अगस्त को जारी होने वाले मतदाता सूची के ड्राफ्ट पब्लिकेशन में दिखेगा।
🔍 आयुक्तों को निर्देश: सभी प्रमंडलीय आयुक्तों को इस गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम का अपने क्षेत्रों में कम से कम 3 बार समयानुसार निरीक्षण करना अनिवार्य है।
🛑 बिना हस्ताक्षर लौटाएं फॉर्म: गैर-भारतीय नागरिक अथवा नागरिकता छोड़ चुके लोग बिना फॉर्म भरे तुरंत बीएलओ को इसे वापस कर दें।
🗓️ भारतीय नागरिकता निर्धारण की 3 मुख्य समय-सीमाएं
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने स्पष्ट किया कि भारतीय नागरिकता अधिनियम 1955 (संशोधनों सहित) के तहत जन्म तिथि के आधार पर तीन नियम लागू होते हैं:
समयावधिनागरिकता का नियमपात्रता की शर्त
26 जनवरी 1950 – 1 जुलाई 1987बर्थ राइट रूल (Birth Right Rule)इस अवधि में भारत में जन्मा हर व्यक्ति भारतीय नागरिक माना जाएगा।
1 जुलाई 1987 – 2 दिसंबर 2004वन पैरेंट रूल (One Parent Rule)जन्म के समय माता या पिता में से किसी एक का भारतीय नागरिक होना आवश्यक है।
2 दिसंबर 2004 के बादटू पैरेंट रूल (Two Parent Rule)माता-पिता दोनों भारतीय नागरिक हों, या एक भारतीय हो और दूसरा वैध पासपोर्ट-वीजा धारक (अवैध अप्रवासी न) हो।
🔄 नए मतदाताओं के लिए फॉर्म 6 और मैपिंग की सुविधा
श्री के. रवि कुमार ने बताया कि जो मतदाता पहले से ही सही तरीके से मैप्ड हैं, उन्हें ड्राफ्ट पब्लिकेशन के बाद किसी भी तरह का दस्तावेज देने की जरूरत नहीं होगी।
नए मतदाताओं के लिए निर्देश: इन्यूमरेशन फॉर्म जमा करते समय बीएलओ द्वारा नए मतदाताओं को फॉर्म 6 और डिक्लेरेशन फॉर्म दिया जाएगा। इसके साथ भारत निर्वाचन आयोग द्वारा तय किए गए 11 मान्यता प्राप्त दस्तावेजों में से कोई एक दस्तावेज जमा करना अनिवार्य होगा।
इसके अतिरिक्त, फॉर्म लौटाते समय एब्सेंट (Absent), शिफ्टेड (Shifted), डेथ (Death), डुप्लीकेट (Duplicate) एवं रिफ्यूज टू साईन (Refused to Sign) कैटेगरी के मतदाताओं की सूची राजनीतिक दलों के बीएलए 2 (BLA 2) से वेरिफिकेशन कराकर ड्राफ्ट पब्लिकेशन के साथ ही जारी की जाएगी।
इस बैठक में कौन-कौन रहे उपस्थित?
इस महत्वपूर्ण ऑनलाइन प्रशिक्षण के दौरान अपर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री सुबोध कुमार, राज्य ट्रेनिंग नोडल पदाधिकारी श्री देवदास दत्ता, उप निर्वाचन पदाधिकारी श्री धीरज कुमार ठाकुर, अवर निर्वाचन पदाधिकारी श्री सुनील कुमार सिंह सहित सभी प्रमंडलीय आयुक्त मुख्य रूप से जुड़े रहे।