Home » रांची स्टेडियम भगदड़ कांड: JSCA अध्यक्ष अजय नाथ शाहदेव पर दर्ज हो FIR, भाजपा का तीखा हमला
रांची स्टेडियम कांड: “क्रिकेट के नाम पर VIP संस्कृति का खेल”, JSCA अध्यक्ष अजय नाथ शाहदेव पर तुरंत दर्ज हो FIR: भाजपा
रांची: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में हुई दर्दनाक भगदड़ की घटना को लेकर सूबे की सियासत गरमा गई है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने जेएससीए प्रबंधन और स्थानीय प्रशासन पर चौतरफा हमला बोला है। भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता अजय साह ने इस पूरे हादसे के लिए जेएससीए की ‘वीआईपी संस्कृति’ को जिम्मेदार ठहराते हुए अध्यक्ष अजय नाथ शाहदेव पर तत्काल एफआईआर (FIR) दर्ज करने और उन्हें पद से बर्खास्त करने की मांग की है।
भाजपा का सीधा सवाल:
“जब मालूम था कि मैच देखने हजारों लोग आएंगे, तो SDRF और आपदा प्रबंधन को पहले क्यों नहीं बुलाया? क्या पूरी व्यवस्था सिर्फ हवा-हवाई थी?”
“क्रिकेट से ज्यादा विवादों में रहा है JSCA”
भाजपा प्रवक्ता अजय साह ने प्रबंधन को घेरते हुए कहा कि पिछले एक साल में जेएससीए क्रिकेट को बढ़ावा देने के बजाय केवल अपने आपसी विवादों और वित्तीय अनियमितताओं (Financial Irregularities) के कारण खबरों में रहा है। उन्होंने याद दिलाया कि नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी भी इस संबंध में मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर गंभीर आरोप लगा चुके हैं, लेकिन सरकार ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की।
🚨 अव्यवस्था के वो 5 सवाल, जिनका जवाब देना होगा:
भाजपा प्रवक्ता ने प्रेस वार्ता के दौरान जेएससीए प्रबंधन के सामने कई तीखे सवाल दागे:
तैयारी क्यों नहीं थी?: मैच के दौरान भीड़ नियंत्रण के लिए अतिरिक्त पुलिस बल और SDRF की मदद पहले से क्यों नहीं मांगी गई?
मेडिकल टीम नदारद: स्टेडियम परिसर में पर्याप्त संख्या में एम्बुलेंस और मेडिकल टीमों की व्यवस्था क्यों नहीं थी?
भीड़ को क्यों रोका?: हजारों दर्शकों को लंबे समय तक एक ही संकीर्ण स्थान पर क्यों रोककर रखा गया?
लाठीचार्ज क्यों हुआ?: हालात बिगड़ने पर डरे हुए और घायल दर्शकों की मदद करने के बजाय उन पर बर्बरता से लाठीचार्ज क्यों किया गया?
72 घंटे बाद भी एक्शन नहीं: घटना के 72 घंटे से अधिक बीत जाने के बाद भी जेएससीए के जिम्मेदार पदाधिकारियों पर एफआईआर दर्ज क्यों नहीं हुई? आखिर किसके दबाव में कार्रवाई रुकी है?
💰 घायलों को ₹10 लाख मुआवजा और सिटिंग जज से जांच की मांग
भाजपा ने इस पूरे मामले में राज्य सरकार और जेएससीए से आर-पार की लड़ाई का एलान करते हुए निम्नलिखित मांगें रखी हैं:
मांगविवरण
FIR और बर्खास्तगीजेएससीए अध्यक्ष अजय नाथ शाहदेव और आयोजन टीम पर तत्काल मुकदमा दर्ज हो और उन्हें हटाया जाए।
मुआवजाभगदड़ और लाठीचार्ज में घायल हुए सभी आम दर्शकों को ₹10-10 लाख का मुआवजा दिया जाए।
मुफ्त इलाजघायलों के इलाज का पूरा खर्च राज्य सरकार और जेएससीए प्रबंधन मिलकर उठाए।
न्यायिक जांचबेंगलुरु के चिन्नास्वामी स्टेडियम हादसे की तर्ज पर इस कांड की भी हाईकोर्ट के सिटिंग जज से जांच कराई जाए।
😡 “दर्शकों की सुरक्षा नहीं, VIP की आवभगत में व्यस्त थे अध्यक्ष”
अजय साह ने आरोप लगाया कि जब स्टेडियम के बाहर आम जनता और बच्चे कुचले जा रहे थे, तब जेएससीए अध्यक्ष अजय नाथ शाहदेव मीडिया और जनता के सामने आने के बजाय वीआईपी मेहमानों की खातिरदारी और महंगी पार्टियों को मैनेज करने में व्यस्त थे।
इस महत्वपूर्ण प्रेसवार्ता में भाजपा के मीडिया सह प्रभारी तारिक इमरान और सूरज शाहदेव भी मुख्य रूप से उपस्थित रहे और उन्होंने भी जेएससीए के इस रवैये की कड़ी निंदा की।