Home » अमित शाह करेंगे NCORD की 10 वीं बैठक की अध्यक्षता, देश भर में नष्ट होगा 6000 करोड़ का ड्रग्स
नशामुक्त भारत की ओर बड़ा कदम: गृह मंत्री अमित शाह करेंगे NCORD बैठक की अध्यक्षता; नष्ट होगा 6,000 करोड़ रुपये का ड्रग्स
26 जून को विज्ञान भवन में जुटेगी 44 मंत्रालयों और राज्यों की टीमें; जारी होगा “विज़न डॉक्यूमेंट (2026-2029)” और जम्मू-गुवाहाटी में खुलेंगे NCB के नए दफ्तर।
नई दिल्ली: देश से ड्रग्स के नेटवर्क को पूरी तरह उखाड़ फेंकने के लिए मोदी सरकार एक और बड़ा कदम उठाने जा रही है। केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह, शुक्रवार, 26 जून 2026 को नई दिल्ली के विज्ञान भवन में नार्को-कोऑर्डिनेशन सेंटर (NCORD) की 10वीं शीर्ष-स्तरीय बैठक की अध्यक्षता करेंगे।
नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) द्वारा आयोजित यह उच्च-स्तरीय बैठक हाइब्रिड मोड में होगी, जिसमें 44 केन्द्रीय मंत्रालयों/विभागों के प्रमुखों के साथ-साथ राज्यों और ड्रग कानून प्रवर्तन एजेंसियों के 108 प्रतिनिधि हिस्सा लेंगे।
📌 मुख्य हाइलाइट्स: बैठक में क्या होगा खास?
“प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की ‘जीरो टॉलरेंस नीति’ को और अधिक सशक्त बनाने के लिए यह बैठक ‘Whole-of-Government Approach’ (संपूर्ण सरकार का दृष्टिकोण) पर काम करेगी।”
₹6,000 करोड़ के नशीले पदार्थ होंगे नष्ट: श्री अमित शाह इस अवसर पर ‘ऑनलाइन ड्रग्स डिस्पोज़ल फोर्टनाइट कैंपेन’ (विशेष पखवाड़ा अभियान) की शुरुआत करेंगे। इसके तहत देश भर में विभिन्न एजेंसियों द्वारा जब्त किए गए लगभग 2,09,500 किलोग्राम नशीले पदार्थों को कानूनन नष्ट किया जाएगा।
NCB के दो नए आंचलिक कार्यालय: पूर्वोत्तर और उत्तर भारत में ड्रग नेटवर्क पर लगाम लगाने के लिए जम्मू और गुवाहाटी में नवनिर्मित NCB ज़ोनल कार्यालयों का डिजिटल उद्घाटन किया जाएगा।
वार्षिक रिपोर्ट: कार्यक्रम के दौरान “एनसीबी वार्षिक रिपोर्ट-2025” भी जारी की जाएगी।
📋 क्या है विज़न डॉक्यूमेंट (2026-2029)?
गृह मंत्री इस बैठक में “मादक पदार्थ नियंत्रण पर विज़न डॉक्यूमेंट (2026-2029)” लॉन्च करेंगे। यह दस्तावेज आगामी तीन वर्षों के लिए देश में ड्रग्स के खिलाफ लड़ाई का साझा रोडमैप तैयार करेगा।
🔍 इसके 3 मुख्य स्तंभ (Pillars) और रणनीति:
आपूर्ति में कमी (Supply Reduction): डार्कनेट (Darknet) और सिंथेटिक ड्रग्स की तस्करी करने वाले अंतरराष्ट्रीय और घरेलू नेटवर्क को ध्वस्त करना।
मांग में कमी (Demand Reduction): युवाओं को नशे की लत से दूर रखने के लिए बड़े पैमाने पर जन-जागरूकता अभियान चलाना।
नुकसान में कमी (Harm Reduction): ड्रग्स का शिकार हो चुके लोगों के लिए इलाज और पुनर्वास केंद्रों (Rehabilitation Centers) की पहुंच को आसान बनाना।
🤝 अंतर-एजेंसी समन्वय और साझा लक्ष्य
यह बैठक देश में मादक पदार्थों की समस्या से निपटने के लिए सभी सम्बन्धित विभागों के सामूहिक प्रयासों की समीक्षा करेगी। विज़न डॉक्यूमेंट में सभी एजेंसियों की जिम्मेदारियों और समय-सीमाओं (Timelines) को स्पष्ट रूप से तय किया गया है, ताकि आगामी तीन वर्षों में नशामुक्त भारत के लक्ष्य को हासिल किया जा सके।