झारखंड मतदाता सूची पुनरीक्षण: एक परिवार के सभी मतदाताओं का नाम एक ही पोलिंग बूथ पर होगा दर्ज—के. रवि कुमार !
रांची: झारखंड में मतदाता सूची को पूरी तरह त्रुटिरहित, पारदर्शी और अद्यतन बनाने के उद्देश्य से ‘विशेष गहन पुनरीक्षण’ (SIR) का कार्य तेजी से चल रहा है। गुरुवार को राज्य के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री के. रवि कुमार ने सभी जिलों के जिला निर्वाचन पदाधिकारियों (DEOs) के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक की और अब तक हुए कार्यों की गहन समीक्षा की।

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने सख्त निर्देश दिए कि ‘होम-टू-रोल’ सत्यापन के दौरान ब्लॉक लेवल ऑफिसर (BLO) यह सुनिश्चित करें कि एक ही घर या परिवार के सभी सदस्यों का नाम एक ही मतदान केंद्र (पोलिंग बूथ) पर दर्ज हो।
‘होम-टू-रोल’ सत्यापन और फॉर्म-6 व फॉर्म-8 का इस्तेमाल
बैठक के दौरान श्री के. रवि कुमार ने कहा कि बीएलओ घर-घर जाकर सत्यापन कार्य पूरा करें। यदि किसी पात्र भारतीय नागरिक का नाम मतदाता सूची में दर्ज नहीं है, तो उनसे फॉर्म-6 भरवाकर प्रक्रिया पूरी की जाए। वहीं, यदि एक ही परिवार के सदस्य अलग-अलग पोलिंग बूथों पर बंटे हुए हैं, तो फॉर्म-8 के जरिए उन्हें नजदीकी और एक ही मतदान केंद्र पर शिफ्ट किया जाए। सभी प्राप्त आवेदनों का तुरंत डिजिटाइजेशन करने का भी आदेश दिया गया है।
स्कूल-कॉलेजों में चलेगा विशेष अभियान, युवा मतदाताओं पर फोकस
18 वर्ष या उससे अधिक आयु के नए एवं युवा नागरिकों को मतदाता सूची से जोड़ने के लिए शिक्षण संस्थानों में विशेष अभियान चलाया जाएगा।
छात्रों को ECINET पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन पंजीकरण के लिए प्रेरित किया जाएगा।
स्कूलों और कॉलेजों के सहयोग से युवाओं को मतदाता बनने के महत्व और फॉर्म-6 भरने की प्रक्रिया से अवगत कराया जाएगा।
नजदीकी केंद्रों पर होगी नोटिस की सुनवाई, बुजुर्गों और दिव्यांगों को प्राथमिकता
ईआरओ (ERO) स्तर से जारी नोटिसों की सुनवाई को लेकर निर्वाचन अधिकारी ने स्पष्ट किया कि सुनवाई केंद्र मतदाता के निवास स्थान के बेहद करीब बनाए जाएं।
बुजुर्गों, दिव्यांगों, गर्भवती महिलाओं और दूरस्थ क्षेत्र के नागरिकों को लंबी दूरी तय न करनी पड़े।
सुनवाई शिविरों में इन वर्गों को प्राथमिकता के आधार पर सहूलियत दी जाए।
यदि किसी मामले में मतदाता को दस्तावेज जमा करने के लिए अतिरिक्त समय चाहिए, तो उन्हें दूसरी सुनवाई के लिए पुनर्निर्धारित (Reschedule) कर पर्याप्त अवसर दिया जाए।
विशेष जनजातीय समूहों (PVTG) और दूरस्थ क्षेत्रों पर खास ध्यान
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने निर्देश दिया कि राज्य के सुदूर, दुर्गम और जनजातीय बहुल इलाकों में कोई भी पात्र नागरिक मतदाता सूची से वंचित न रहे। विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों (PVTG) के नागरिकों का नाम जोड़ने के लिए अधिकारी स्वयं फील्ड विजिट करेंगे। इसके साथ ही, डोर-टू-डोर विजिट के दौरान बीएलओ हर मकान पर नंबर अंकित करेंगे और बिना नंबर वाले मकानों को ‘नोशनल नंबर’ (Notional Number) देंगे।
शिकायत निवारण के लिए हेल्पलाइन 1950 सक्रिय
नागरिकों की सहायता के लिए मतदाता सूची से संबंधित टोल-फ्री नंबर 1950, ‘बुक ए कॉल’ (Book a Call) और ईमेल के माध्यम से प्राप्त शिकायतों का समय पर निष्पादन करने के निर्देश दिए गए हैं।
इस उच्चस्तरीय बैठक में पाकुड़ की जिला निर्वाचन अधिकारी श्रीमती मेघा भारद्वाज, राज्य प्रशिक्षण नोडल अधिकारी श्री देव दास दत्ता, उप निर्वाचन पदाधिकारी श्री धीरज कुमार ठाकुर, अवर निर्वाचन पदाधिकारी श्री सुनील कुमार सिंह सहित सभी जिलों के निर्वाचन अधिकारी उपस्थित थे।














