“आज के छात्र ही कल के लोकतंत्र के मशालधारक हैं”: चेन्नई में बोले मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार !
नई दिल्ली / चेन्नई: भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने देश के युवा नागरिकों में लोकतांत्रिक जागरूकता और चुनावी साक्षरता बढ़ाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। गुरुवार को चेन्नई में आयोजित तीसरे क्षेत्रीय सम्मेलन के दौरान मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार ने “Electoral Literacy Clubs (ELC 2.0) और ECINET” पहल का शुभारंभ किया।

कार्यक्रम में तमिलनाडु और पुडुचेरी के विभिन्न स्कूलों, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों के छात्र एवं शिक्षक शामिल हुए।
ELC 2.0 और ECINET की मुख्य विशेषताएं
नया टैगलाइन: ELC 2.0 को “Learn Democracy. Lead Democracy.” (लोकतंत्र सीखें। लोकतंत्र का नेतृत्व करें।) टैगलाइन के साथ पेश किया गया है।
डिजिटल इंटीग्रेशन: ECINET डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से मतदाता सूची (Roll) से लेकर मतदान (Poll) तक की सभी सेवाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध कराई जाएंगी।
व्यापक नेटवर्क: देश के 15 लाख स्कूलों (25 करोड़ छात्र, 1 करोड़ शिक्षक) और 1,500 विश्वविद्यालयों (4.33 करोड़ छात्र) के विशाल तंत्र के जरिए साल भर चुनावी जागरूकता अभियान चलाए जाएंगे।
“भारत में चुनाव पूरी तरह से संविधान, कानून और चुनाव आयोग के निर्देशों के अनुसार आयोजित किए जाते हैं। यह पूरी प्रक्रिया राजनीतिक दलों, उम्मीदवारों या उनके प्रतिनिधियों के समवर्ती ऑडिट (Concurrent Audit) के तहत पारदर्शी रूप से संपन्न होती है।”
— ज्ञानेश कुमार, मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC)
तमिलनाडु में रिकॉर्ड 86.03% मतदान की सराहना
सम्मेलन के दौरान मुख्य चुनाव आयुक्त ने तमिलनाडु के 500 से अधिक बूथ लेवल अधिकारियों (BLOs) के साथ एक विशेष संवाद सत्र में भाग लिया। उन्होंने राज्य में हाल ही में संपन्न हुए विधानसभा चुनावों में ऐतिहासिक सफलता के लिए अधिकारियों को बधाई दी:
ऐतिहासिक मतदान: राज्य के इतिहास में अब तक का सर्वाधिक 86.03% मतदान दर्ज किया गया।
कुल वोट: चुनाव में कुल 4.93 करोड़ नागरिकों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया।
SIR की सराहना: ज्ञानेश कुमार ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को सुचारू रूप से लागू करने के लिए BLOs के प्रयासों को सराहा।
कार्यक्रम के अंत में छात्रों और बीएलओ अधिकारियों को मुख्य चुनाव आयुक्त से सीधे सवाल पूछने और अपनी शंकाओं को दूर करने का मौका भी मिला।














