योगी सरकार का मेगा प्लान: उत्तर प्रदेश में ‘जन आंदोलन’ बनेगा अंतरराष्ट्रीय योग दिवस; 1.32 लाख स्कूलों के करोड़पति छात्र बनेंगे साक्षी
746 कस्तूरबा विद्यालयों की 78 हजार छात्राएं भी लेंगी हिस्सा; ग्रामीण इलाकों से लेकर शहरों तक अभिभावक, शिक्षामित्र और अनुदेशक मिलकर लगाएंगे आसनों की क्लास
लखनऊ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कुशल नेतृत्व में उत्तर प्रदेश 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस (21 जून) पर एक नया स्वर्णिम अध्याय लिखने के लिए पूरी तरह तैयार है। सूबे के ग्रामीण अंचलों से लेकर महानगरों तक के 1.32 लाख परिषदीय (बेसिक) विद्यालयों में पढ़ने वाले लगभग 1.42 करोड़ छात्र-छात्राओं को एक साथ योग की मुख्यधारा से जोड़ने का ऐतिहासिक खाका तैयार कर लिया गया है।
इस महा-अभियान को जमीनी स्तर पर पारदर्शी और प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए योगी सरकार ने शिक्षा निदेशक (बेसिक) श्री अनिल भूषण चतुर्वेदी को राज्य स्तरीय नोडल अधिकारी नामित किया है। सरकार का उद्देश्य योग को केवल एक दिन का औपचारिक आयोजन न बनाकर इसे भावी पीढ़ी की दिनचर्या और स्वस्थ जीवनशैली का स्थायी आधार बनाना है।
📊 यूपी योग दिवस महा-अभियान 2026: आंकड़ों की नजर में
उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा इस वर्ष आयोजित किए जा रहे इस विशाल कार्यक्रम के मुख्य आंकड़ों और संरचना को नीचे दी गई तालिका में आसानी से समझा जा सकता है:
मुख्य मानक / श्रेणियां |
मेगा योग कैंप से जुड़े आधिकारिक आंकड़े (Key Statistics) |
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कुल परिषदीय विद्यालय |
1.32 लाख (1,32,000) सरकारी प्राइमरी और अपर-प्राइमरी स्कूल। |
कुल शामिल होने वाले विद्यार्थी |
लगभग 1.42 करोड़ (14.2 Million) छात्र-छात्राएं। |
कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय (KGBV) |
746 विद्यालय की 78 हजार से अधिक छात्राएं शामिल होंगी। |
अन्य मुख्य हितधारक |
शिक्षक, शिक्षामित्र, अनुदेशक, स्थानीय जनप्रतिनिधि और अभिभावक (Parents)। |
राज्य स्तरीय नोडल अधिकारी |
श्री अनिल भूषण चतुर्वेदी (शिक्षा निदेशक – बेसिक)। |
⚡ स्कूल परिसरों में सिर्फ योग नहीं, जागरूकता की भी मचेगी धूम
बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा जारी आधिकारिक गाइडलाइंस के अनुसार, 21 जून को सुबह से ही प्रदेश के सभी स्कूल परिसरों में सामूहिक योगाभ्यास और प्राणायाम का सत्र शुरू होगा। इसके साथ ही:
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बच्चों को योग के शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक लाभों से रूबरू कराया जाएगा।
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स्कूलों में योग के महत्व पर आधारित जागरूकता कार्यक्रम एवं संगोष्ठियां आयोजित की जाएंगी।
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स्थानीय समुदायों और अभिभावकों को आमंत्रित किया गया है ताकि योग का यह संदेश समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंच सके।
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🧠 “नई पीढ़ी को स्वस्थ, अनुशासित और आत्मविश्वासी बनाना लक्ष्य”
मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, पिछले वर्षों में उत्तर प्रदेश ने योग को विद्यालयी जीवन और जनस्वास्थ्य से जोड़ने की दिशा में अनुकरणीय मिसाल पेश की है। स्कूलों में नियमित योग गतिविधियों को बढ़ावा देकर छात्रों में एकाग्रता (Concentration), सकारात्मक सोच और मानसिक दृढ़ता विकसित करने पर विशेष बल दिया जा रहा है। 21 जून को होने वाला यह राज्यव्यापी आयोजन न केवल योग की वैश्विक पहचान को यूपी की माटी में मजबूत करेगा, बल्कि नई पीढ़ी को स्वस्थ और आत्मविश्वासी बनाने के संकल्प को भी नई ऊर्जा प्रदान करेगा।
🔍 अफसरों को कड़े निर्देश— मॉनिटरिंग में न हो कोई चूक
आयुष मंत्रालय और शिक्षा मंत्रालय (भारत सरकार) के निर्देशों के क्रम में उत्तर प्रदेश के सभी मंडलीय सहायक शिक्षा निदेशकों, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों (BSAs) तथा खंड शिक्षा अधिकारियों (BEOs) को फील्ड पर एक्टिव रहने के निर्देश दिए गए हैं। नोडल अधिकारी अनिल भूषण चतुर्वेदी स्वयं सभी जिलों से डिजिटल रिपोर्ट और तस्वीरों के माध्यम से इस पूरे आयोजन की मॉनिटरिंग करेंगे, ताकि देश के सबसे बड़े राज्य का यह योग उत्सव वैश्विक रिकॉर्ड दर्ज करा सके।




















