लोक भवन में राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार की मौजूदगी में मना योग दिवस: बच्चों के साथ किया योगाभ्यास; बोले- “विकसित भारत के लिए योग को बनाएं जन-अभियान”
रांची, 21 जून 2026: अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर आज राजधानी रांची स्थित लोक भवन (राजभवन) के बिरसा मंडप में एक भव्य और गरिमापूर्ण सामूहिक योगाभ्यास कार्यक्रम का आयोजन किया गया। माननीय राज्यपाल श्री संतोष कुमार गंगवार की गरिमामयी उपस्थिति में आयोजित इस कार्यक्रम में लोक भवन परिवार के सभी सदस्यों, अधिकारियों, कर्मचारियों और आमंत्रित स्कूली बच्चों ने अत्यंत उत्साह और सक्रियता के साथ भाग लिया।
इस विशेष सामूहिक योगाभ्यास कार्यक्रम में कुल 253 लोगों ने एक साथ योग के विभिन्न आसनों और प्राणायाम का अभ्यास कर स्वस्थ जीवनशैली का संदेश दिया।
🧘 “सिर्फ व्यायाम नहीं, बल्कि संतुलित जीवन जीने की पद्धति है योग” — राज्यपाल
योगाभ्यास सत्र को संबोधित करते हुए माननीय राज्यपाल श्री संतोष कुमार गंगवार ने योग की महत्ता को रेखांकित किया:
विश्व को भारत का उपहार: राज्यपाल ने कहा कि योग सम्पूर्ण विश्व को भारत द्वारा दिया गया एक अनुपम और अमूल्य उपहार है। यह केवल शारीरिक व्यायाम तक सीमित नहीं है, बल्कि स्वस्थ, संतुलित एवं सार्थक जीवन जीने की एक समग्र जीवन-पद्धति है।
आंतरिक शांति का माध्यम: योग शरीर, मन और आत्मा के बीच अद्भुत सामंजस्य स्थापित करता है। यह व्यक्ति को आत्म-अनुशासन, सकारात्मक सोच और आंतरिक शांति की ओर अग्रसर करता है।
🌍 PM मोदी के प्रयासों को सराहा; रांची और कोलकाता के योग कार्यक्रमों का किया जिक्र
राज्यपाल महोदय ने अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के वैश्विक सफर और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की जमकर सराहना की:
“माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के दूरदर्शी नेतृत्व और अथक प्रयासों के कारण ही वर्ष 2014 में संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) ने 21 जून को ‘अंतरराष्ट्रीय योग दिवस’ घोषित करने का ऐतिहासिक निर्णय लिया था। यह भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत की वैश्विक स्वीकृति है।”
उन्होंने याद दिलाया कि वर्ष 2019 में प्रधानमंत्री स्वयं रांची में आयोजित मुख्य अंतरराष्ट्रीय योग दिवस कार्यक्रम के साक्षी बने थे, जबकि इस वर्ष (2026) वे कोलकाता में आयोजित मुख्य कार्यक्रम में देश का नेतृत्व कर रहे हैं।
🛡️ कोरोना काल का उदाहरण: तनाव और स्वास्थ्य चुनौतियों का प्राकृतिक समाधान
वर्तमान समय की डिजिटल और भागदौड़ भरी जिंदगी पर बात करते हुए राज्यपाल ने कहा:
वैश्विक संकट में मददगार: आज जब पूरी दुनिया तनाव, असंतुलित जीवनशैली और स्वास्थ्य संबंधी गंभीर चुनौतियों से जूझ रही है, तब योग एक प्रभावी, सरल और प्राकृतिक समाधान है।
कोरोना में दिखी उपयोगिता: कोरोना महामारी के दौरान पूरी दुनिया ने योग की ताकत को महसूस किया था। इसने न केवल लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता (Immunity) को मजबूत किया, बल्कि मानसिक स्वास्थ्य, आत्मविश्वास और सकारात्मक दृष्टिकोण को भी सुदृढ़ बनाया।
🎒 विद्यार्थियों के लिए एकाग्रता और व्यक्तित्व विकास का आधार
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्कूली बच्चों की भागीदारी देखकर राज्यपाल ने प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों के लिए योग केवल स्वास्थ्य का साधन नहीं है, बल्कि यह उनकी एकाग्रता (Focus), अनुशासन, आत्मविश्वास और समग्र व्यक्तित्व विकास का सबसे मजबूत आधार है।
अंत में, राज्यपाल ने सभी राज्यवासियों से आह्वान किया कि योग को केवल एक दिन के आयोजन तक सीमित न रखें, बल्कि इसे अपनी दैनिक दिनचर्या का अभिन्न हिस्सा बनाएं। क्योंकि एक स्वस्थ व्यक्ति, स्वस्थ परिवार और स्वस्थ समाज ही ‘विकसित भारत’ की सबसे मजबूत आधारशिला बन सकते हैं।
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