Home » उपचुनाव शेड्यूल 2026: तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, पुडुचेरी और असम की 6 सीटों पर उपचुनाव का ऐलान, जानें पूरा विवरण
उपचुनाव शेड्यूल 2026: तमिलनाडु, पुडुचेरी, पश्चिम बंगाल और असम की 6 सीटों पर उपचुनाव की घोषणा, आचार संहिता लागू !
नई दिल्ली: भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने तमिलनाडु, पुडुचेरी और पश्चिम बंगाल की 5 विधानसभा सीटों तथा असम की 1 संसदीय सीट पर होने वाले उपचुनावों की आधिकारिक घोषणा कर दी है। संबंधित क्षेत्रों में विधायकों और सांसद के इस्तीफे के बाद खाली हुई इन सीटों को भरने के लिए चुनाव आयोग ने प्रक्रिया शुरू कर दी है।
इन प्रमुख सीटों पर होंगे उपचुनाव
इस्तीफों के कारण रिक्त हुई सीटों का विवरण इस प्रकार है:
तमिलनाडु (2 विधानसभा सीटें):
35-मदुरंतकम (एससी) सीट: श्रीमती मरगाथम कुमारवेल के इस्तीफे से रिक्त।
101-धारापुरम (एससी) सीट: श्रीमती पी. सत्यभामा के इस्तीफे से रिक्त।
पुडुचेरी (1 विधानसभा सीट):
09-थट्टांचावडी सीट: तिरु एन. रंगासामी के इस्तीफे के बाद।
पश्चिम बंगाल (2 विधानसभा सीटें):
70-रेजीनगर सीट: श्री हुमायूं कबीर के इस्तीफे से रिक्त।
210-नंदीग्राम सीट: श्री सुवेंदु अधिकारी के इस्तीफे के बाद।
असम (1 संसदीय सीट):
09-नगांव लोकसभा सीट: श्री प्रद्युत बोरदोलोई के इस्तीफे से रिक्त।
मतदाता सूची और अर्हता तिथियां
निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट किया है कि स्वतंत्र, निष्पक्ष और विश्वसनीय चुनाव के लिए शुद्ध एवं अद्यतन मतदाता सूची मूल आधार है। जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 में संशोधन के बाद अब वर्ष में चार अर्हता तिथियों (Qualifying Dates) का प्रावधान है।
हाल ही में राज्यों में स्पेशल समरी/इंटेन्सिव रिवीजन के तहत मतदाता सूचियों का अंतिम प्रकाशन पूरा किया गया है:
नगांव (असम): 10 फरवरी 2026
थट्टांचावडी (पुडुचेरी): 14 फरवरी 2026
मदुरंतकम एवं धारापुरम (तमिलनाडु): 23 फरवरी 2026
रेजीनगर एवं नंदीग्राम (पश्चिम बंगाल): 28 फरवरी 2026
ध्यान दें: मतदाता सूची को अद्यतन करने की निरंतर प्रक्रिया नामांकन की अंतिम तिथि से 10 दिन पहले तक प्राप्त आवेदनों के आधार पर जारी रहेगी।
EVM, VVPAT का उपयोग और पहचान पत्र नियम
सभी मतदान केंद्रों पर इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) और वीवीपीएटी (VVPAT) का उपयोग किया जाएगा। आयोग ने पर्याप्त मात्रा में मशीनें उपलब्ध करा दी हैं।
पहचान के लिए मान्य दस्तावेज:
मतदान के लिए मतदाता फोटो पहचान पत्र (EPIC/Voter Card) मुख्य दस्तावेज होगा। इसके अभाव में निम्नलिखित 12 वैकल्पिक पहचान पत्रों में से कोई भी एक दिखाया जा सकता है:
आधार कार्ड
मनरेगा जॉब कार्ड
बैंक या डाकघर द्वारा जारी फोटोयुक्त पासबुक
श्रम मंत्रालय की स्वास्थ्य बीमा स्मार्ट कार्ड / आयुष्मान भारत कार्ड
ड्राइविंग लाइसेंस
पैन कार्ड (PAN Card)
एनपीआर (NPR) के तहत आरजीआई द्वारा जारी स्मार्ट कार्ड
भारतीय पासपोर्ट
फोटोयुक्त पेंशन दस्तावेज
केंद्र/राज्य सरकार, पीएसयू या पब्लिक लिमिटेड कंपनियों द्वारा जारी सेवा पहचान पत्र
सांसदों/विधायकों/एमएलसी को जारी आधिकारिक पहचान पत्र
यूनिक डिसएबिलिटी आईडी (UDID) कार्ड
मॉडल कोड ऑफ कंडक्ट और आपराधिक पृष्ठभूमि वाले प्रत्याशी
आचार संहिता (MCC): चुनाव की घोषणा के साथ ही संबंधित जिलों में आदर्श आचार संहिता तत्काल प्रभाव से लागू हो गई है।
क्रिमिनल रिकॉर्ड का प्रकाशन: जिन उम्मीदवारों पर आपराधिक मामले दर्ज हैं, उन्हें चुनाव प्रचार के दौरान तीन अलग-अलग चरणों में (नामांकन वापसी के प्रथम 4 दिनों में, 5वें से 8वें दिन के बीच और 9वें दिन से प्रचार के अंतिम दिन तक) समाचार पत्रों और टीवी चैनलों पर इसकी जानकारी सार्वजनिक करनी होगी।
राजनीतिक दलों की जवाबदेही: आपराधिक पृष्ठभूमि वाले उम्मीदवारों को चुनने वाले राजनीतिक दलों को चयन के 48 घंटे के भीतर अपनी वेबसाइट, सोशल मीडिया और समाचार पत्रों में इसका कारण बताना होगा। यह पूरी जानकारी आयोग के ‘ECINET’ पोर्टल पर ‘Know Your Candidates’ के तहत भी उपलब्ध रहेगी।
सरकारी आवास का नो-ड्यूज सर्टिफिकेट: पिछले 10 वर्षों में सरकारी आवास का उपयोग करने वाले भावी उम्मीदवारों को किराया, बिजली, पानी और टेलीफोन बिल का ‘नो ड्यूज सर्टिफिकेट’ प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा।