Home » बिहार में खेल क्रांति: डुमरी स्पोर्ट्स सिटी और राजगीर स्टेडियम पर बड़ा फैसला
बिहार में खेल क्रांति: मेडल लाने वाले क्रिकेटरों को मिलेगी सरकारी नौकरी; 1121 करोड़ से चमकेगा राजगीर स्टेडियम, खेल मंत्री श्रेयसी सिंह का मेगा प्लान!
पटना: बिहार को देश का अग्रणी खेल राज्य बनाने के लिए खेल विभाग ने अब तक का सबसे बड़ा और ऐतिहासिक रोडमैप तैयार कर लिया है। गुरुवार को विकास भवन में खेल मंत्री श्रेयसी सिंह की अध्यक्षता में हुई हाई-लेवल बैठक में बिहार के खेल ढांचे को पूरी तरह बदलने वाले कई क्रांतिकारी फैसले लिए गए।
इस बैठक में विकास आयुक्त मिहिर कुमार सिंह समेत कई विभागों के सचिव शामिल हुए। बैठक में डुमरी स्पोर्ट्स सिटी, अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम, ‘मेडल लाओ नौकरी पाओ’ योजना और विलेज स्पोर्ट्स क्लब को लेकर बड़े टाइम-लाइन तय किए गए हैं।
🏏 बड़ी खुशखबरी: टीम इंडिया के क्रिकेटरों को मिलेगी सीधे ‘लेवल-9’ की सरकारी नौकरी!
बिहार सरकार खिलाड़ियों को रोजगार देने के मामले में बड़ा दांव खेलने जा रही है। अब ओलंपिक पदक विजेताओं के साथ-साथ BCCI द्वारा चुनी गई भारतीय पुरुष और महिला सीनियर क्रिकेट टीम के खिलाड़ियों को भी बिहार सरकार की “मेडल लाओ, नौकरी पाओ” योजना का सीधा लाभ मिलेगा। प्रस्ताव पास होते ही इन खिलाड़ियों को लेवल-9 (राजपत्रित/अधिकारी रैंक) की सरकारी नौकरी दी जाएगी।
🏗️ डुमरी स्पोर्ट्स सिटी: ₹574 करोड़ से बनेगा बिहार का ‘स्पोर्ट्स हब’
100 एकड़ का साम्राज्य: पटना के डुमरी में लगभग 100 एकड़ में वर्ल्ड-क्लास स्पोर्ट्स सिटी बनेगी, जिसके लिए 574 करोड़ रुपये का प्रस्ताव जिला प्रशासन को भेज दिया गया है।
ओडिशा और अहमदाबाद मॉडल: इस स्पोर्ट्स सिटी को देश में सबसे बेहतरीन बनाने के लिए दो एक्सपर्ट टीमों ने अहमदाबाद और ओडिशा के खेल मॉडलों का अध्ययन किया है।
टेंडर और एक्सपर्ट: विकास आयुक्त ने निर्देश दिया है कि टेंडर से पहले नेशनल लेवल के एक्सपर्ट्स की मदद ली जाए और इसकी हर महीने प्रोग्रेस रिपोर्ट जांची जाए।
🏟️ राजगीर इंटरनेशनल स्टेडियम: 40,000 की क्षमता, 31 दिसंबर तक अल्टीमेटम
भवन निर्माण विभाग के सचिव ने बताया कि 1,121 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे राजगीर अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम का काम युद्धस्तर पर जारी है।
स्टेडियम का मुख्य पवेलियन तैयार हो चुका है।
इसे 31 दिसंबर 2026 तक हर हाल में पूरा करने का टारगेट दिया गया है।
इस भव्य स्टेडियम की क्षमता 40,000 दर्शकों की होगी।
🎯 15 जून से शुरू होंगे 3 ‘जिला उत्कृष्टता केंद्र’ (Centres of Excellence)
बिहार की ग्रामीण प्रतिभाओं को तराशने के लिए जिला स्तर पर स्पोर्ट्स सेंटर शुरू हो रहे हैं:
अरवल: कबड्डी का आवासीय प्रशिक्षण (15 जून से शुरू)
मधेपुरा: बैडमिंटन का आवासीय प्रशिक्षण (15 जून से शुरू)
किशनगंज: ताइक्वांडो का आवासीय प्रशिक्षण (15 जून से शुरू)
इसके अलावा सिवान, मुंगेर और जमुई में फुटबॉल के लिए स्पेशल एक्सीलेंस सेंटर बनाए जाएंगे। विकास आयुक्त ने 30 सितंबर 2026 तक राज्य के सभी सेंटर्स को पूरी तरह चालू करने का आदेश दिया है।
🤼 बिहार के खाते में इंटरनेशनल मैच: राजगीर में होगी ‘भारत-न्यूजीलैंड रग्बी सीरीज’
बिहार का खेल कैलेंडर इस साल बेहद रोमांचक होने वाला है:
नवंबर 2026: राजगीर में भारत बनाम न्यूजीलैंड रग्बी श्रृंखला।
जुलाई-अगस्त 2026: खेलो इंडिया अस्मिता जोनल महिला वेटलिफ्टिंग।
7 अगस्त 2026: राष्ट्रीय भाला फेंक (जैवलीन थ्रो) दिवस।
दिसंबर 2026: एफआईएच (FIH) प्रो लीग की मेजबानी।
🏫 स्कूलों में ‘स्पोर्ट्स एक्शन प्लान’ और योगा क्रांति
बिहार सरकार एक ऐसा स्पोर्ट्स एक्शन प्लान तैयार कर रही है जिसे नीति आयोग के सामने रखा जाएगा:
राज्य में 4,818 शारीरिक शिक्षा (Physical Education) शिक्षकों की तैनाती हो चुकी है।
17,000 शिक्षकों को बच्चों के लिए विशेष योग प्रशिक्षण दिया जा चुका है।
स्कूलों के लिए फिजिकल लिटरेसी रिपोर्ट कार्ड, डोपिंग जागरूकता और बिहार खेल विश्वविद्यालय, राजगीर के जरिए देश में पहली बार ‘खेल पत्रकारिता’ (Sports Journalism) का स्पेशल कोर्स शुरू होगा।
🪵 गाँव-गाँव में खेल का मैदान और PPP मॉडल
5,266 मैदान तैयार: बिहार की कुल 8,053 पंचायतों में से 4,700 पंचायतों में 5,266 खेल मैदान चमकाए जा चुके हैं। बाकी पंचायतों के लिए ग्रामीण विकास विभाग को टास्क सौंपा गया है।
पटना का बी.पी. सिन्हा कॉलेज: पटना स्थित इस शारीरिक शिक्षा महाविद्यालय को PPP मॉडल के तहत ₹114 करोड़ की लागत से बेहद आधुनिक और प्रीमियम खेल सुविधा केंद्र बनाया जाएगा।
⚠️ सुस्त एजेंसियों पर गिरेगी गाज: विकास आयुक्त मिहिर कुमार सिंह ने सख्त लहजे में चेतावनी दी है कि विकास कार्यों और खेल मैदानों के निर्माण में देरी करने वाली कंपनियों/एजेंसियों को बख्शा नहीं जाएगा और उनके खिलाफ सीधे दंडात्मक कानूनी कार्रवाई होगी।