रांची : झारखंड “टैक्स को चोरों को छूट बाकि जनता को झूठ” यही इस बजट का सार है।केंद्रीय वित्त मंत्री द्वारा पेश बजट पूरी तरह मीठे शब्दों का पुलिंदा मात्र है। हर वर्ष कृषि शिक्षा रक्षा स्वास्थ्य सभी के बजट में कटौती की जा रही है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष केशव महतो कमलेश ने केंद्रीय बजट पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि बजट में समाज का कौन सा वर्ग केंद्र बिंदु है साफ नहीं है।यह बजट किसके लिए बनाया गया है इसे कौन लाभान्वित होगा किसी को समझ में नहीं आ रहा है। इंद्रजाल की तरह पूरी तरह भ्रम का बजट है।उद्योग कृषि स्वास्थ्य शिक्षा हर क्षेत्र में निराशा है। देश को खनिज उपलब्ध कराने की दिशा में झारखंड की भूमिका अव्वल नंबर की है लेकिन रेयर अर्थ कॉरिडोर से झारखंड को दूर रखा गया है,उड़ीसा को इसमें शामिल किया गया क्योंकि वहां भाजपा की सरकार है। एमएसएमई सेक्टर में कम राशि का प्रावधान मझौले, छोटे उद्योगों को हतोत्साहित करेगा,पहले से आर्थिक मार झेल रहे लाखों उद्योग इससे प्रभावित होंगे। सबसे ज्यादा निराशा कृषि जगत को हुई है, उम्मीद थी कि किसान सम्मन निधि की राशि बढ़ाई, किसानों के लिए छूट की घोषणा की जाएगी लेकिन इसकी जगह विदेश की सैर करने वालों को टैक्स में छूट दी गई है। टैक्स चोरों को छूट दी गई है चोरी पर दंड नहीं जुर्माना लगेगा यह टैक्स चुराने वालों प्रोत्साहित करने का कदम है।पूंजीगत व्यय में गत वर्ष की तुलना में सिर्फ एक लाख करोड़ की वृद्धि और सपना विकसित भारत का दिखा रहे हैं।
झारखंड के लिए पूरी तरह निराशाजनक बजट है।25 वर्षीय युवा झारखंड राज्य के विकास के लिए बजट मे प्रावधान का ना होना केंद्र की राज्यों के साथ भेदभाव की नीति को स्पष्ट करता है।वर्तमान को नकारकर कर भारतवासियों को 2047 का सपना दिखाकर भरमाने कोशिश की गई है।
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