Home » पूर्व मंत्री मन्नान मल्लिक का निधन: CM हेमंत सोरेन ने दी श्रद्धांजलि
नम आंखों से विदाई: पूर्व मंत्री मन्नान मल्लिक के पार्थिव शरीर को झारखंड विधानसभा में CM हेमंत सोरेन और विधायकों ने दी श्रद्धांजलि !
रांची: झारखंड की राजनीति और कोयलांचल के कद्दावर नेता, पूर्व मंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता मन्नान मल्लिक के पार्थिव शरीर को आज झारखंड विधानसभा परिसर में राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई। उनके निधन की खबर से पूरे राज्य और राजनीतिक गलियारों में शोक की लहर दौड़ गई है।विधानसभा परिसर में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, विधानसभा अध्यक्ष रबींद्रनाथ महतो, कैबिनेट के कई मंत्रियों और सत्ता व विपक्ष के तमाम विधायकों ने उनके पार्थिव शरीर पर पुष्पचक्र अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी।

विधानसभा परिसर में उमड़ी नेताओं की भीड़
मन्नान मल्लिक के पार्थिव शरीर को जब अंतिम दर्शन के लिए विधानसभा परिसर लाया गया, तो वहां का माहौल बेहद गमगीन हो गया।
“मन्नान मल्लिक जी का जाना झारखंड की राजनीति और विशेषकर श्रमिक आंदोलन के लिए एक अपूरणीय क्षति है। उन्होंने हमेशा गरीबों, मजदूरों और दबे-कुचले लोगों की आवाज बुलंद की।”
— हेमंत सोरेन, मुख्यमंत्री (झारखंड)
श्रद्धांजलि देने वालों में विधानसभा अध्यक्ष रबींद्रनाथ महतो के अलावा सरकार के कई मंत्री, कांग्रेस और भाजपा समेत अन्य सभी राजनीतिक दलों के वरिष्ठ नेता और विधायक मौजूद रहे। सभी ने उनके संघर्षशील जीवन और झारखंड के विकास में उनके योगदान को याद किया।
श्रमिक नेता से मंत्री पद तक का सफर
मन्नान मल्लिक का राजनीतिक और सामाजिक सफर बेहद प्रेरणादायक रहा है:
शुरुआती सफर: उन्होंने तत्कालीन बिहार के मुख्यमंत्री अब्दुल गफूर के निजी सचिव के रूप में अपने राजनीतिक जीवन की अनौपचारिक शुरुआत की थी।
कोयलांचल की आवाज: वे धनबाद जिला कांग्रेस अध्यक्ष रहने के साथ-साथ राष्ट्रीय कोलियरी मजदूर संघ (आरसीएमएस) के कार्यकारी अध्यक्ष भी रहे। कोयला क्षेत्र के मजदूरों के हक की लड़ाई में वे हमेशा सबसे आगे खड़े रहे।
विधायक और मंत्री: वर्ष 2009 में उन्होंने धनबाद विधानसभा सीट से कांग्रेस के टिकट पर जीत दर्ज की। इसके बाद हेमंत सोरेन के नेतृत्व वाली पूर्ववर्ती सरकार में उन्हें कैबिनेट मंत्री बनने का गौरव प्राप्त हुआ था।
पूरे राज्य में शोक की लहर
मन्नान मल्लिक के निधन पर धनबाद, रांची और पूरे बिहार-झारखंड के कांग्रेस कार्यकर्ताओं में गहरा शोक है। नेताओं ने कहा कि झारखंड ने आज जमीन से जुड़ा एक ऐसा कद्दावर नेता खो दिया है, जिसकी कमी को कभी पूरा नहीं किया जा सकेगा।
