Home » विद्या निकेतन दाउदनगर में RSS प्रान्त बौद्धिक प्रमुख उपेन्द्र त्यागी का संबोधन, ‘स्वदेशी और नागरिक कर्तव्य’ पर दिया मार्गदर्शन
विद्या निकेतन दाउदनगर में RSS प्रान्त बौद्धिक प्रमुख का आगमन: ‘स्वदेशी और नागरिक कर्तव्य’ पर विद्यार्थियों को किया प्रेरित !
दाउदनगर (औरंगाबाद): विद्या निकेतन ग्रुप ऑफ स्कूल्स, दाउदनगर के संस्कार विद्या प्रांगण में आज एक विशेष बौद्धिक सत्र का आयोजन किया गया। इस अवसर पर विद्यालय के छात्र-छात्राओं को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS), दक्षिण बिहार प्रान्त के प्रान्त बौद्धिक प्रमुख आदरणीय श्री उपेन्द्र त्यागी जी का गरिमामयी सानिध्य और मार्गदर्शन प्राप्त हुआ।

📌 राष्ट्र निर्माण और स्वदेशी का असली अर्थ
संस्कार विद्या के परिसर में विद्यार्थियों को “स्वदेशी एवं नागरिक कर्तव्य: विद्यार्थी जीवन से राष्ट्र निर्माण तक” विषय पर संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि श्री उपेन्द्र त्यागी जी ने कई प्रेरणादायक बातें कहीं। उन्होंने जोर देते हुए कहा:
“राष्ट्र निर्माण की शुरुआत किसी और उम्र से नहीं, बल्कि विद्यार्थी जीवन से ही होती है। स्वदेशी का भाव केवल देश में बनी वस्तुओं के उपयोग तक सीमित नहीं है, बल्कि यह आत्मनिर्भरता, सांस्कृतिक गौरव, अनुशासन, सेवा और सामाजिक उत्तरदायित्व का एक महान जीवन-दर्शन है।”
👤 मुख्य अतिथि का विद्यार्थियों से आह्वान
अपने संबोधन में उन्होंने विद्यार्थियों को जीवन में तीन मुख्य स्तंभों को अपनाने की सीख दी:
कर्तव्यों का पालन: अपने अधिकारों के साथ-साथ नागरिक कर्तव्यों का भी पूरी निष्ठा से पालन करें।
सांस्कृतिक गौरव: भारतीय संस्कृति, सनातन मूल्यों और संस्कारों को अपने भीतर आत्मसात करें।
राष्ट्रनिष्ठा: एक चरित्रवान, अनुशासित और राष्ट्रनिष्ठ नागरिक बनकर भारत को सशक्त, समृद्ध और आत्मनिर्भर बनाने में अपना सक्रिय योगदान दें।
🤝 स्मृति-चिह्न भेंट कर किया गया सम्मानित
कार्यक्रम के समापन पर विद्यालय के CEO श्री आनंद प्रकाश एवं प्राचार्य श्री अशोक कुमार मिश्रा ने अपने कर-कमलों से मुख्य अतिथि श्री उपेन्द्र त्यागी जी को स्मृति-चिह्न (मोमेंटो) भेंट कर सम्मानित किया।
इस अवसर पर विद्यालय परिवार की ओर से आभार व्यक्त करते हुए प्रबंधन ने कहा कि ऐसे प्रेरणादायी व्यक्तित्व का मार्गदर्शन विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की नींव रखता है और उनके भीतर राष्ट्र निर्माण की भावना को और अधिक सशक्त बनाता है। इस कार्यक्रम में विद्यालय के सभी शिक्षक, शिक्षिकाएं और सैकड़ों छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
