Home » रूपी सोरेन का निधन: पैतृक गांव नेमरा में अंतिम संस्कार, सीएम हेमंत सोरेन ने नम आंखों से दी मुखाग्नि !
अंतिम विदाई… जोहार: पैतृक गाँव नेमरा में संपन्न हुआ रूपी सोरेन का अंतिम संस्कार, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने दी मुखाग्नि !
रामगढ़ (नेमरा) : मुख्यमंत्री श्री हेमंत सोरेन की पूजनीय माता दिवंगत रूपी सोरेन का अंतिम संस्कार गुरुवार, 08 अक्टूबर 2026 को पूरे राजकीय सम्मान और पारंपरिक संताली रीति-रिवाज के साथ संपन्न हुआ। अंतिम यात्रा और अंत्येष्टि रामगढ़ जिले में स्थित उनके पैतृक गांव नेमरा के श्मशान घाट पर हुई। मुख्यमंत्री श्री हेमंत सोरेन ने अश्रुपूर्ण नेत्रों से अपनी दिवंगत माता को मुखाग्नि दी। जैसे ही मुखाग्नि दी गई, वहां मौजूद हजारों लोगों की आंखें नम हो गईं और पूरा माहौल अत्यंत गमगीन हो गया।
शोकाकुल नेमरा: अंतिम दर्शन के लिए उमड़ा जनसैलाब
दिवंगत रूपी सोरेन के पार्थिव शरीर के अंतिम दर्शन और उन्हें विदा करने के लिए नेमरा गांव में अपार जनसैलाब उमड़ पड़ा। दूर-दराज के क्षेत्रों से आए सैकड़ों ग्रामीणों, झारखंड आंदोलन के साथियों, राजनीतिक दिग्गजों, मंत्रियों, विधायकों और प्रशासनिक अधिकारियों ने उन्हें अश्रुपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की।
शव यात्रा के दौरान हर कोई नम आंखों से रूपी सोरेन का अंतिम दर्शन कर जोहार कह रहा था। नेमरा गांव के हर घर में मातम पसरा था और लोग दिवंगत रूपी सोरेन के व्यक्तित्व एवं उनके द्वारा किए गए त्याग-समर्पण को याद कर रहे थे।
सादगी, त्याग और झारखंड आंदोलन की प्रतिमूर्ति
दिवंगत रूपी सोरेन झारखंड आंदोलन के शुरुआती दौर से लेकर जीवन के अंतिम समय तक सादगी, त्याग और संघर्ष की मिसाल रहीं। उन्होंने न केवल अपने पारिवारिक दायित्वों का कुशलतापूर्वक निर्वहन किया, बल्कि पूरे झारखंडी समाज के लिए एक ममतामयी अभिभावक की भूमिका भी निभाई।
उनके निधन से पूरे झारखंड ने एक ममतामयी मां और मार्गदर्शक खो दिया है। इस दुखद अवसर पर विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं, सामाजिक संगठनों, प्रशासनिक वर्ग और आम नागरिकों ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और उनके शोक संतप्त परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त की हैं और ईश्वर से दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान देने की प्रार्थना की है।