Home » बिहार में 5 लाख करोड़ का निवेश लक्ष्य, राजगीर-मुंगेर में बनेगा डिफेंस कॉरिडोर
बिहार में औद्योगिक क्रांति: 30 दिनों में मिलेगी फैक्ट्रियों को ऑटोमैटिक मंजूरी; राजगीर-मुंगेर में बनेगा ‘डिफेंस कॉरिडोर’ और हर जिले में होगी एयर कनेक्टिविटी!
पटना: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूरे होने के अवसर पर आयोजित एक भव्य कार्यक्रम में बिहार के मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी ने राज्य के विकास का अब तक का सबसे बड़ा और आधुनिक विजन पेश किया है। मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि जिस बिहार को कभी उसकी बड़ी आबादी के कारण बोझ समझा जाता था, आज वही आबादी राज्य के विकास की सबसे बड़ी ताकत बन चुकी है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने बिहार को एक बड़ा औद्योगिक हब बनाने के लिए कई ऐतिहासिक नीतिगत बदलावों और निवेश लक्ष्यों की घोषणा की।
🏭 उद्योगों के लिए ‘सिंगल विंडो’: 30 दिनों में ऑटोमैटिक मंजूरी
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने निवेशकों को आकर्षित करने के लिए लालफीताशाही पर बड़ा प्रहार किया है:
ऐतिहासिक फैसला: पहले बिहार में उद्योग लगाने के लिए 33-34 प्रकार की अलग-अलग सरकारी मंजूरियां लेनी पड़ती थीं। अब सरकार ने इसके लिए 30 दिनों की समय-सीमा तय कर दी है।
स्वचालित स्वीकृति (Automatic Approval): यदि कोई निवेशक आवेदन करता है, तो निर्धारित 30 दिनों के भीतर उसे सभी आवश्यक स्वीकृतियां स्वतः (Autometically) मिल जाएंगी।
₹5 लाख करोड़ का टारगेट: सरकार ने आगामी 20 नवंबर 2026 को अपनी सरकार का एक वर्ष पूरा होने तक राज्य में 5 लाख करोड़ रुपये के औद्योगिक निवेश को धरातल पर उतारने का महा-लक्ष्य रखा है। इसके तहत डेटा सेंटर परियोजनाओं पर भी जल्द काम शुरू होगा।
🛡️ राजगीर और मुंगेर में ‘डिफेंस कॉरिडोर’; हर जिले में हवाई सफर की तैयारी
डिफेंस कॉरिडोर: देश में बढ़ते रक्षा उत्पादन को देखते हुए बिहार के राजगीर और मुंगेर को डिफेंस कॉरिडोर के रूप में विकसित किया जाएगा, जिससे राज्य में भारी निवेश और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
एयर कनेक्टिविटी का जाल: आजादी के बाद देश में जहां सिर्फ 74 एयरपोर्ट थे, वहीं आज 100 से अधिक हैं। बिहार में पटना, दरभंगा और पूर्णिया के अलावा अब सहरसा, बीरपुर, मुजफ्फरपुर, रक्सौल और वाल्मीकिनगर जैसे इलाकों में हवाई संपर्क का विस्तार हो रहा है। इसके साथ ही राजगीर और सासाराम-कैमूर क्षेत्र में नई एयरस्ट्रिप बनाई जा रही है।
💰 GST और केंद्र के सहयोग से मजबूत हुई बिहार की वित्तीय स्थिति
मुख्यमंत्री ने केंद्र और राज्य के वित्तीय तालमेल के आंकड़े साझा करते हुए बताया:
वर्ष 2004-05 से 2013-14 के बीच बिहार को केंद्रीय करों के मद में करीब 2.80 लाख करोड़ रुपये मिले थे, जो पिछले 12 वर्षों में बढ़कर 12.90 लाख करोड़ रुपये हो गए हैं।
आज बिहार का बजट 3.17 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच चुका है, जिसे केंद्र सरकार की नीतियों और जीएसटी (GST) से भारी मजबूती मिली है।
🛣️ एक्सप्रेस-वे और चमचमाती सड़कों का जाल
बिहार में कनेक्टिविटी को अंतरराष्ट्रीय स्तर का बनाने के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर पर तेजी से काम हो रहा है:
एक्सप्रेस-वे कॉरिडोर: पटना-पूर्णिया, बक्सर-भागलपुर, आमस-दरभंगा, गोरखपुर-सिलीगुड़ी, रक्सौल-हल्दिया और वाराणसी-गया-कोलकाता जैसे बड़े एक्सप्रेस-वे पर काम जारी है।
नदियों पर पुल: गंगा नदी पर 7 नए पुल बन चुके हैं और 7 अन्य पर काम चल रहा है। कोसी, गंडक, सोन, बागमती और फल्गु नदी पर भी पुलों का विस्तार किया गया है।
ग्रामीण सड़कें: सूबे में ग्रामीण सड़कों की लंबाई 1.20 लाख किलोमीटर पार कर चुकी है। 100 से अधिक की आबादी वाले हर टोले को पक्की सड़क से जोड़ा जा रहा है।
🏥 स्वास्थ्य और शिक्षा में ‘सुपर कॉरिडोर’
मेडिकल कॉलेज: बिहार में पहले सिर्फ 9-10 मेडिकल कॉलेज थे, जो अब बढ़कर 15 हो चुके हैं। इसके अलावा 21 नए सरकारी मेडिकल कॉलेज निर्माणाधीन हैं। दरभंगा एम्स और मुजफ्फरपुर का होमी भाभा कैंसर अस्पताल स्वास्थ्य क्षेत्र में नए युग की शुरुआत कर रहे हैं।
शिक्षा बजट: बिहार का शिक्षा बजट बढ़ाकर 77,890 करोड़ रुपये कर दिया गया है। राज्य के 94 हजार स्कूलों में 6 लाख शिक्षक कार्यरत हैं। पॉलिटेक्निक संस्थानों को 13 से बढ़ाकर 46 और ITI को 23 से बढ़ाकर 152 किया गया है।
💼 ‘वेतन और पेंशन मौलिक अधिकार, रुकना नहीं चाहिए’ — अधिकारियों को कड़ा निर्देश
वित्तीय प्रबंधन और सुशासन पर बात करते हुए मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को सख्त लहजे में निर्देश दिया:
“शिक्षकों और कर्मचारियों का वेतन व पेंशन उनका मौलिक अधिकार है। विकास योजनाओं के लिए उपयोगिता प्रमाणपत्र (Utilisation Certificate) जरूर लें, लेकिन इसकी आड़ में किसी भी परिस्थिति में वेतन और पेंशन का भुगतान नहीं रुकना चाहिए।”
मुख्यमंत्री ने यह भी ऐलान किया कि 100 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली सभी लंबित प्रमुख परियोजनाओं की समीक्षा वे स्वयं (CM) करेंगे ताकि वन विभाग या भूमि अधिग्रहण के कारण योजनाएं न अटकें।
📌 अन्य मुख्य बातें:
महिला सशक्तिकरण: बिहार की 30 लाख से अधिक महिलाएं ‘लखपति दीदी’ अभियान से जुड़ी हैं और जीविका समूहों के जरिए राज्य में 1.48 लाख करोड़ रुपये का आर्थिक तंत्र खड़ा हुआ है।
नक्सलवाद का अंत: मुख्यमंत्री ने कहा कि उनके गृह क्षेत्र सहित पूरा देश अब नक्सलवाद से लगभग मुक्त हो चुका है और विकास की किरण अंतिम व्यक्ति तक पहुंच रही है।
कैबिनेट पर स्थिति साफ: मुख्यमंत्री ने राजनीतिक गलियारों की चर्चाओं पर विराम लगाते हुए स्पष्ट किया कि पंचायती राज मंत्री श्री दीपक प्रकाश आज भी मंत्री हैं और आगे भी मंत्री बने रहेंगे।