Home » बिहार में राशन वितरण में लापरवाही पर सख्त कार्रवाई, सचिव दीपक आनंद ने दिए कड़े निर्देश
बिहार में खाद्यान्न वितरण में लापरवाही पर ‘नो टॉलरेंस’: सचिव दीपक आनंद बोले– गड़बड़ी मिली तो खैर नहीं, होगी कठोर कार्रवाई
दुकानों का होगा सघन निरीक्षण; राशन कार्ड के लंबित आवेदनों को जल्द निपटाने और अपात्रों को सूची से बाहर करने का आदेश।
पटना: बिहार सरकार के खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के सचिव श्री दीपक आनंद ने कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट किया है कि सूबे में खाद्यान्न वितरण में किसी भी स्तर पर लापरवाही, देरी या अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि सभी पात्र लाभुकों को समय पर, निर्धारित मात्रा में और गुणवत्तापूर्ण खाद्यान्न उपलब्ध कराना ही सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
बुधवार को विभाग के सचिव ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। इस बैठक में राज्य के सभी जिलों के जिला आपूर्ति पदाधिकारी, अनुमंडल पदाधिकारी, सहायक जिला आपूर्ति पदाधिकारी, पणन पदाधिकारी एवं आपूर्ति निरीक्षक डिजिटल माध्यम से शामिल हुए।
📌 मुख्य निर्देश: राशन वितरण में पारदर्शिता से कोई समझौता नहीं
“सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) की पारदर्शिता एवं जवाबदेही से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। यदि किसी भी स्तर पर गड़बड़ी पाई गई, तो संबंधित विक्रेता के विरुद्ध तत्काल नियमानुसार सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।”
— श्री दीपक आनंद, सचिव, खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग
बैठक के दौरान सचिव ने अधिकारियों को निम्नलिखित कड़े दिशा-निर्देश जारी किए:
चलेगा विशेष चेकिंग अभियान: सभी जिलों में जन वितरण प्रणाली (पीडीएस) दुकानों का सघन और औचक निरीक्षण किया जाएगा।
कालाबाजारी और कम तौल पर शिकंजा: निरीक्षण के दौरान यदि कोई डीलर कालाबाजारी, कम तौल या अनियमित वितरण में लिप्त पाया जाता है, तो उस पर तत्काल एफआईआर (FIR) और लाइसेंस रद्द करने जैसी कार्रवाई होगी।
शिकायतों का तुरंत निपटारा: आम जनता से मिलने वाली राशन संबंधी शिकायतों का समयबद्ध और त्वरित निस्तारण सुनिश्चित करने को कहा गया है।
🔍 संदिग्ध राशन कार्डों की जांच में तेजी और रिक्तियों को भरने के आदेश
बैठक में विभाग के अन्य महत्वपूर्ण कार्यों की भी बिंदुवार समीक्षा की गई
कार्य का क्षेत्रसचिव द्वारा दिए गए मुख्य निर्देश
नया राशन कार्ड निर्माणलंबित आवेदनों का शीघ्र और पारदर्शी तरीके से निष्पादन करें, ताकि नए पात्र परिवारों को जोड़ा जा सके।
संदिग्ध राशन कार्डजांच अभियान में तेजी लाकर सूची में शामिल अपात्र (अयोग्य) लाभुकों को बाहर करें और नियमानुसार कार्रवाई करें।
PDS दुकानों की रिक्तियांजन वितरण प्रणाली की खाली पड़ी दुकानों (रिक्तियों) को निर्धारित समय-सीमा के भीतर भरने की प्रक्रिया पूरी की जाए।
💡 जनता के लिए संदेश
इस बैठक का सीधा संदेश साफ है कि बिहार सरकार जन वितरण प्रणाली को पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी बनाने में जुटी है, ताकि गरीब और जरूरतमंद परिवारों का हक कोई मार न सके।