Home » झारखंड सरकार की पहचान बनी लूट और भ्रष्टाचार: बीजेपी प्रवक्ता अविनेश कुमार सिंह का हेमंत सरकार पर तीखा हमला
भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता अविनेश कुमार सिंह ने झारखंड सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि राज्य में भ्रष्टाचार पूरे चरम पर है और वर्तमान सरकार के कार्यकाल में भ्रष्टाचार व्यवस्था का अभिन्न हिस्सा बन गया है। कहा जा सकता है कि भ्रष्टाचार और लूट खसोट इस राज्य की पहचान बन चुकी है।
श्री सिंह ने कहा हेमंत सरकार में भ्रष्टाचार और कुप्रबंधन के कारण झारखंड का बंटाधार हो चुका है। हर कदम पर, हर जगह, हर विभाग में भ्रष्टाचार अब शिष्टाचार बन चुका है। मईया सम्मान योजना के सत्यापन तक में पैसे लेने की बात सामने आ रही है, मनरेगा में भ्रष्टाचार के कुएं बनाए जा रहे हैं। जमीन म्यूटेशन में प्रति डिसमिल रेट वसूला जा रहा है। मंत्रियों के जनता दरबार तक भी भ्रष्टाचार की गूंज पहुंच रही है परंतु कोई ठोस कदम उठाने की बजाय सरकार केवल आईवॉश में जुटी हुई है। सरकार में शामिल सहयोगी पार्टी कांग्रेस के पूर्व मंत्री योगेंद्र साव खुद यह कहकर कि “यहां पैकेज पर अधिकारियों का ट्रांसफर पोस्टिंग किया जाता है”, सरकार को कठघरे में खड़ा कर चुके हैं। हालिया चर्चित ट्रेजरी महाघोटाला की जांच का क्या हुआ ? कितने बड़े अधिकारियों पर शिकंजा कसा गया? इसके पूर्व ऊर्जा विभाग के खाते से लगभग 100 करोड़ की डकैती का मामला सामने आ चुका है। झारखंड सरकार के 10000 करोड़ रुपए को आसमान निगल गया या जमीन खा गई, सरकार को आज तक पता तक नहीं चल पाया। स्वास्थ्य विभाग में कैग की रिपोर्ट को आधार बनाकर भ्रष्टाचार पर सरकार को आईना दिखाने पर सरकार द्वारा दोषियों पर कार्रवाई करने की बजाय नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी पर ही एफआईआर करने की धमकी दी जाती है। अब भला ऐसी सरकार से भ्रष्टाचार के विरुद्ध निष्पक्ष कार्रवाई की उम्मीद कैसे की जाए।
अविनेश कुमार सिंह ने कहा कि आम लोगों को बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है और जनता के टैक्स के पैसा को बर्बाद किया जा रहा है। कुछ वर्षों में ही हेमंत सोरेन सरकार भ्रष्टाचार और अन्य से जुड़े मामलों में सुनवाई के लिए महंगे वकीलों पर, दिल्ली रांची की यात्रा पर लगभग 100 करोड़ रुपए खर्च कर चुकी है। यह सब जनता की गाढ़ी कमाई का दुरुपयोग नहीं तो क्या है? l
उन्होंने आरोप लगाया कि सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल और ग्रामीण विकास जैसी महत्वपूर्ण योजनाओं में पारदर्शिता का अभाव दिखाई देता है और भ्रष्टाचार के आरोप लगातार बढ़ते जा रहे हैं। सरकार के विभिन्न विभागों में अनियमितताओं, घोटालों और वित्तीय गड़बड़ियों की खबरें लगातार सामने आ रही हैं, जिससे जनता का विश्वास शासन-प्रशासन से उठता जा रहा है। राज्य सरकार की विश्वसनीयता पूरी तरह खत्म हो गई है। कहने का तात्पर्य है कि राज्य सरकार पूरी तरह दिशाहीन और नीति विहीन होकर केवल भ्रष्टाचार और लूट खसोट में लगी है। खनिज संपदाओं की खुलेआम लूट जारी है।
प्रदेश प्रवक्ता ने कहा कि राज्य में कानून-व्यवस्था और प्रशासनिक जवाबदेही कमजोर हुई है, जिसके कारण भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिला है। उन्होंने कहा कि सरकार भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने के बजाय केवल दावे और घोषणाएं कर रही है, जबकि जमीनी स्तर पर स्थिति लगातार चिंताजनक बनी हुई है। अविनेश कुमार सिंह ने कहा कि झारखंड की जनता यह जानना चाहती है कि विकास के लिए आवंटित धन का वास्तविक उपयोग कहां और कैसे हो रहा है। उन्होंने मांग किया कि विभिन्न विभागों में सामने आए भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के आरोपों की निष्पक्ष जांच कराई जाए तथा दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी भ्रष्टाचार के मुद्दे पर जनता की आवाज को मजबूती से उठाती रहेगी और यदि सरकार ने पारदर्शिता एवं जवाबदेही सुनिश्चित नहीं की तो पार्टी राज्यव्यापी जनआंदोलन चलाने के लिए बाध्य होगी।