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SIR के बाद चुनाव आयोग का बड़ा फैसला: छूटे और नए मतदाताओं का नाम जोड़ने के लिए शुरू होगा विशेष अभियान !
नई दिल्ली: विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) की प्रक्रिया पूरी होने के बाद, भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने देश भर के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों (CEOs) को एक महत्वपूर्ण निर्देश जारी किया है। आयोग ने निर्देश दिया है कि मतदाता सूची से वंचित रह गए (Left-out) और पहली बार बनने वाले युवा मतदाताओं के नामांकन के लिए एक विशेष अभियान (Special Drive) चलाया जाए।
1 अक्टूबर 2026 को जारी इस आधिकारिक पत्र के अनुसार, इस अभियान का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र नागरिक वोट देने के अधिकार से वंचित न रहे।
बीएलओ करेंगे घर-घर सत्यापन (House-to-House Visit)
इस विशेष अभियान को प्रभावी बनाने के लिए चुनाव आयोग ने बूथ लेवल अधिकारियों (BLOs) और चुनाव अधिकारियों के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश तय किए हैं:
पुरानी और नई वोटर लिस्ट की तुलना: BLOs मौजूदा मतदाता सूची की तुलना पूर्व-SIR (Pre-SIR) मतदाता सूची से करेंगे। इससे ऐसे मतदाताओं की पहचान की जाएगी जिनका नाम पहले सूची में शामिल था, लेकिन वर्तमान सूची में नहीं है।
डोर-टू-डोर सत्यापन: पहचान किए गए मतदाताओं के घरों पर BLOs स्वयं जाकर उनकी वर्तमान स्थिति का पता लगाएंगे। यदि कोई व्यक्ति पात्र पाया जाता है, तो उससे फॉर्म 6 (Form 6) भरवाकर उसका नामांकन कराया जाएगा।
समय सीमा और लक्ष्य: बीएलओ प्रति सप्ताह कम से कम 20 से 25 मतदाताओं के घरों का दौरा करेंगे, ताकि यह पूरी प्रक्रिया लगभग एक महीने के भीतर समाप्त की जा सके।
नए और युवा मतदाताओं पर ध्यान: घर-घर दौरे के दौरान पहली बार मतदान करने योग्य बने युवाओं और छूटे हुए अन्य पात्र नागरिकों के भी फॉर्म 6 भरे जाएंगे।
राजनीतिक दलों के साथ साझा की जाएगी सूची
شفافियत (पारदर्शिता) बनाए रखने के लिए, चुनाव आयोग ने यह भी निर्देश दिया है कि:
बीएलओ द्वारा तैयार की गई सूची को मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के बूथ लेवल एजेंटों (BLAs) के साथ साझा किया जाएगा।
सत्यापन और फॉर्म 6 एकत्र करने के बाद, रिपोर्ट इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर (ERO) को सौंपी जाएगी।
अभियान के अंत में, बूथ-वार सूची राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को फिर से दी जाएगी ताकि यदि कोई छूटा हुआ मतदाता हो, तो उसका नाम भी जुड़वाया जा सके।
बेघर, मजदूरों और रैन बसेरों के लिए विशेष शिविर
सामान्य घर-घर सत्यापन के अलावा, चुनाव आयोग का ध्यान समाज के वंचित वर्गों पर भी है:
बूथ लेवल कैम्प: फॉर्म जमा करने की सुविधा के लिए विशेष बूथ स्तरीय शिविर लगाए जाएंगे।
वंचित वर्गों के लिए विशेष व्यवस्था: नाइट शेल्टर (रैन बसेरों), लेबर कॉलोनियों, बेघर और हाशिए पर रहने वाले नागरिकों के नामांकन के लिए विशेष शिविर आयोजित किए जाएंगे।
जागरूकता और निगरानी
चुनाव आयोग ने निर्देश दिया है कि शिक्षण संस्थानों, स्थानीय आउटरीच कार्यक्रमों, SVEEP गतिविधियों और प्रेस ब्रीफिंग के माध्यम से व्यापक स्तर पर जागरूकता फैलाई जाए।
इस अभियान की प्रगति की नियमित समीक्षा मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO), जिला निर्वाचन अधिकारी (DEO) और इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर (ERO) के स्तर पर बारीकी से की जाएगी।