अलीगंज अग्निकांड की परतें खोलने में जुटी हाई-लेवल SIT: फॉरेंसिक टीम ने मलबे और जले तारों के लिए सैंपल, कई विभागों के रडार पर आने के संकेत
ADG प्रवीण कुमार की सख्त चेतावनी— “जांच के दायरे में शामिल है हर संबंधित विभाग का दायित्व, साक्ष्यों के आधार पर होगी कई और लोगों से पूछताछ”
लखनऊ: राजधानी लखनऊ के अलीगंज में हुए भीषण अग्निकांड की समग्र जांच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सख्त निर्देशों के बाद बेहद तेज गति से आगे बढ़ रही है। मंगलवार सुबह इस मामले की जांच के लिए गठित दो सदस्यीय विशेष जांच दल (SIT) और उत्तर प्रदेश विधि विज्ञान प्रयोगशाला (FSL) की टीम ने संयुक्त रूप से घटनास्थल का दौरा किया। टीम ने एक घंटे से अधिक समय तक पूरी बिल्डिंग के एक-एक हिस्से का सूक्ष्म और बारीकी से निरीक्षण किया।
इसके बाद एसआईटी के अधिकारियों ने किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) जाकर वहां भर्ती अग्निकांड के घायलों से मुलाकात की। अधिकारियों ने पीड़ितों का हालचाल जाना और हादसे के वक्त की परिस्थितियों को लेकर उनसे महत्वपूर्ण जानकारियां साझा कीं।

📊 अलीगंज अग्निकांड जांच 2026: अब तक का बड़ा एक्शन और स्टेटस
इस दर्दनाक हादसे के बाद प्रशासनिक स्तर पर की गई त्वरित कार्रवाई और वर्तमान जांच की स्थिति का पूरा ब्योरा नीचे तालिका में दिया गया है:
जांच का बिंदु (Key Aspects) |
वर्तमान स्टेटस और प्रशासनिक कार्रवाई (Current Status & Action) |
|---|---|
SIT के मुख्य सदस्य |
अमृत अभिजात (अपर मुख्य सचिव, पर्यटन एवं संस्कृति) एवं प्रवीण कुमार (ADG, लखनऊ जोन)। |
FSL की कार्रवाई |
डायरेक्टर आदर्श कुमार के नेतृत्व में मलबे, जले उपकरण और शॉर्ट सर्किट से प्रभावित तारों के सैंपल एकत्र किए गए। |
अब तक की गिरफ्तारियां |
हादसे के लिए प्रथम दृष्टया जिम्मेदार 4 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। |
विभागीय कार्रवाई |
लापरवाही बरतने के आरोप में 4 संबंधित अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित (Suspend) किया गया है। |
रिपोर्ट की समय सीमा |
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशानुसार एसआईटी को 7 दिनों के भीतर फाइनल रिपोर्ट सौंपनी है। |
⚡ “अग्निकांड से जुड़े हर विभाग के दायित्व की होगी समीक्षा”
घटनास्थल का मुआयना करने के बाद एसआईटी के सदस्य और अपर मुख्य सचिव अमृत अभिजात ने मीडिया से बात करते हुए कहा:
“मुख्यमंत्री जी के निर्देशानुसार जांच को बेहद वैज्ञानिक और पारदर्शी तरीके से आगे बढ़ाया जा रहा है। घटनास्थल की हर एंगल से फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी कराई गई है। इस अग्निकांड से जुड़े जितने भी व्यक्ति और संबंधित विभाग हैं, उन सभी से गहन पूछताछ की जाएगी। जो भी साक्ष्य और घायलों से इनपुट मिले हैं, उनके आधार पर बहुत जल्द कई और लोगों को पूछताछ के लिए तलब किया जाएगा।”
🚨 दोषियों को बख्शेंगे नहीं, तय समय में आएगी रिपोर्ट: एडीजी प्रवीण कुमार
एडीजी लखनऊ जोन प्रवीण कुमार ने स्पष्ट किया कि फॉरेंसिक (FSL) टीम की रिपोर्ट इस मामले में सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट होगी। उन्होंने कहा कि घटना से जुड़े किसी भी विभाग की जिम्मेदारी को छोड़ा नहीं जाएगा। सभी पहलुओं को जांच के दायरे में शामिल किया गया है। पीड़ितों के बयानों और वैज्ञानिक साक्ष्यों को मिलाकर एक अचूक रिपोर्ट तैयार की जा रही है, जिसे निर्धारित समय सीमा (7 दिन) के अंदर शासन को सौंप दिया जाएगा।
🛑 अलीगढ़ दौरा बीच में छोड़कर पहुंचे थे मुख्यमंत्री योगी
उल्लेखनीय है कि इस अग्निकांड की भयावहता की सूचना मिलते ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपना तय अलीगढ़ दौरा बीच में ही रद्द कर दिया था और सीधे लखनऊ आकर घटनास्थल का मुआयना किया था। उन्होंने केजीएमयू में घायलों से मिलकर डॉक्टरों को मुफ्त और विश्वस्तरीय इलाज के निर्देश दिए थे। मुख्यमंत्री के इसी सख्त रुख का असर है कि प्रशासन ने 24 घंटे के भीतर ताबड़तोड़ निलंबन और गिरफ्तारियां शुरू कर दी हैं।


















