डोरंडा में गूंजा अमन और भाईचारे का तराना: मोहर्रम पर रांची ने फिर पेश की सांप्रदायिक सौहार्द की अनूठी मिसाल
कर्बला के शहीदों की याद में सजने वाले पर्व को शांतिपूर्ण ढंग से मनाने का संकल्प; विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों और खलीफाओं ने लिया हिस्सा
रांची:राजधानी रांची का डोरंडा इलाका एक बार फिर आपसी एकता और सामाजिक समरसता के रंग में सराबोर नजर आया। मोहर्रम के पवित्र अवसर पर डोरंडा के फिरदौस नगर में एक भव्य और गरिमामयी दस्तारबंदी कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस खास मौके पर सेंट्रल मोहर्रम कमेटी के पदाधिकारियों, डोरंडा के नायब सदर, खलीफाओं सहित विभिन्न सामाजिक, धार्मिक और राजनीतिक संगठनों के दिग्गजों ने शिरकत की।
इस आयोजन का मुख्य आकर्षण समाज में शांति, मैत्री और सद्भावना का प्रसार करना रहा। कार्यक्रम के दौरान मुख्य अतिथियों और स्थानीय गणमान्य लोगों ने हवा में सफेद कबूतर उड़ाकर पूरे राज्य को शांति और गंगा-जमुनी तहजीब को अक्षुण्ण रखने का एक मजबूत संदेश दिया।
📊 डोरंडा दस्तारबंदी कार्यक्रम 2026: एक नजर में मुख्य बातें
कार्यक्रम की रूपरेखा, संदेश और इसमें शामिल हुए मुख्य चेहरों का विवरण नीचे तालिका में दिया गया है:
कार्यक्रम का नाम व स्थान |
मुख्य अतिथि और वक्ता (Key Dignitaries) |
मंच से दिया गया मुख्य संदेश (Core Message) |
|---|---|---|
भव्य दस्तारबंदी समारोह(फिरदौस नगर, डोरंडा, रांची) |
आलोक कुमार दूबे(महासचिव, झारखंड प्रदेश कांग्रेस) |
* दस्तारबंदी केवल एक सम्मान नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी का प्रतीक है।* रांची ने हमेशा आपसी सौहार्द की मिसाल पेश की है। |
विशेष प्रतीक(कबूतर उड़ाना) |
विनय सिन्हा दीपू(वरिष्ठ कांग्रेस नेता) |
* मोहर्रम हमें संघर्ष, त्याग, धैर्य और समर्पण का संदेश देता है।* यह पर्व हमें मानवता के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। |
संकल्प सत्र |
सेंट्रल मोहर्रम कमेटी और विभिन्न अखाड़ों के खलीफा। |
इस वर्ष भी मोहर्रम का पर्व पूरे उत्साह, श्रद्धा और पूर्णतः शांतिपूर्ण वातावरण में मनाया जाएगा। |
⚡ “रांची की मिट्टी में रची-बसी है गंगा-जमुनी तहजीब” – आलोक कुमार दूबे
सभा को मुख्य वक्ता के रूप में संबोधित करते हुए प्रदेश कांग्रेस महासचिव आलोक कुमार दूबे ने दस्तारबंदी के सामाजिक और आध्यात्मिक महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा:
“दस्तारबंदी का रस्म हमें यह याद दिलाता है कि समाज के प्रति हमारे कर्तव्य क्या हैं। यह हमें आपस में मिलकर रहने और एक-दूसरे के सुख-दुख व त्योहारों में सहभागी बनने की प्रेरणा देता है। झारखंड और विशेषकर हमारी राजधानी रांची की यह गौरवशाली परंपरा रही है कि यहाँ हर पर्व मिलकर मनाया जाता है। मुझे पूरा विश्वास है कि इस वर्ष भी मोहर्रम का यह मुकद्दर पर्व शांति, अनुशासन और आपसी सहयोग की नई इबारत लिखेगा।”
🕊️ मानवता, सत्य और इंसाफ का पर्व है मोहर्रम: विनय सिन्हा दीपू
कांग्रेस नेता विनय सिन्हा दीपू ने कर्बला के ऐतिहासिक संदर्भ का जिक्र करते हुए कहा कि मोहर्रम सिर्फ एक तारीख नहीं, बल्कि सत्य और इंसाफ के लिए किए गए सर्वोच्च बलिदान की याद है। यह समाज के हर वर्ग को अन्याय के खिलाफ खड़े होने और मानवता की रक्षा करने का मार्ग दिखाता है। कार्यक्रम में मौजूद तमाम युवाओं और अखाड़ा प्रेमियों ने इस दौरान सामाजिक एकता को और अधिक मजबूत करने का हाथ उठाकर संकल्प लिया।
👥 कार्यक्रम में ये गणमान्य लोग रहे मौजूद
सद्भावना के इस महासंगम में सेंट्रल मोहर्रम कमिटी डोरंडा के मौलाना मनीरूद्दीन, मुमताज गद्दी, यासीन अंसारी, मोहम्मद ताज, आमिर जावेद, फासले इलाही ने सक्रिय भूमिका निभाई। इनके अलावा पार्षद प्रतिनिधि रिजवान हुसैन, नायाब खलीफा हाफिजुर रहमान, कोषाध्यक्ष मोहम्मद जावेद, सोनू इमाम, अफजल अली, अनवर अंसारी, तौहीद खान, मोहम्मद शाहिद खान, समीर हिजाजी और मोहम्मद कलाम सहित भारी संख्या में स्थानीय लोग उपस्थित थे।


















