⚡ “10 हजार करोड़ का ट्रेजरी घोटाला दबा रही हेमंत सरकार, सिर्फ छोटी मछलियों पर एक्शन”: प्रतुल शाहदेव
रांची: भारतीय जनता पार्टी (BJP) के प्रदेश मुख्य प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने झारखंड की हेमंत सोरेन सरकार पर अब तक के सबसे बड़े वित्तीय घपले को छिपाने का सनसनीखेज आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि राज्य में हुए हजारों करोड़ रुपये के ट्रेजरी घोटाले को दफन करने के लिए सरकार सुनियोजित तरीके से काम कर रही है।
प्रतुल शाहदेव ने तंज कसते हुए कहा कि जांच शुरू हुए दो महीने से अधिक का समय बीत चुका है, लेकिन सरकार केवल छोटे स्तर के कर्मचारियों को पकड़कर अपनी पीठ थपथपा रही है और खानापूर्ति में लगी है, जबकि असली ‘बड़े मगरमच्छ’ खुलेआम घूम रहे हैं।
❌ एजी (AG) को कागजात न देना साजिश का हिस्सा
भाजपा मुख्य प्रवक्ता ने सरकार की मंशा पर सवाल उठाते हुए कई तकनीकी और प्रशासनिक मोर्चों पर घेरा:
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स्पेशल ऑडिट में रोड़ा: राज्य सरकार ने दिखावे के लिए अकाउंटेंट जनरल (AG) से स्पेशल ऑडिट कराने की अनुशंसा तो कर दी, लेकिन दो महीने बाद भी एजी कार्यालय द्वारा मांगे गए जरूरी दस्तावेज और कागजात उपलब्ध नहीं कराए गए हैं। यह सीधे तौर पर घोटाले की फाइलों को दबाने की साजिश है।
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अधिकारियों को संरक्षण: इस महा-घोटाले में प्रथम दृष्टया संलिप्त पाए गए ट्रेजरी के बड़े पदाधिकारियों और अफसरों को उनके पदों से अब तक क्यों नहीं हटाया गया? उनके खिलाफ कोई कठोर दंडात्मक कार्रवाई न होना बेहद संदेहास्पद है।
💰 “खुद वित्त मंत्री ने माना— 10,000 करोड़ का हिसाब गायब”
प्रतुल शाहदेव ने झारखंड के वित्त मंत्री के पुराने बयान का हवाला देते हुए सरकार को कटघरे में खड़ा किया:
”स्वयं राज्य के वित्त मंत्री ने सार्वजनिक रूप से स्वीकार किया था कि सरकारी खजाने के लगभग 10 हजार करोड़ रुपये का कोई हिसाब-किताब नहीं मिल रहा है। वित्त मंत्री का यह कबूलनामा खुद साबित करता है कि राज्य में ₹10,000 करोड़ का भारी-भरकम घोटाला हुआ है।”
उन्होंने आगे कहा कि जिन बैंक खातों को फ्रीज किया गया है, वे बेहद छोटे कर्मचारियों के हैं। रसूखदार और ऊंचे पदों पर बैठे लोगों तक जांच की आंच पहुंचने ही नहीं दी जा रही है। जांच की कोई टाइमलाइन न होना यह दर्शाता है कि सरकार मामले को लंबा खींचकर ठंडे बस्ते में डालना चाहती है।
🚨 एसआईटी (SIT) और सीआईडी (CID) की भूमिका पर उठाए सवाल
भाजपा ने इस मामले में चल रही विभागीय जांच की विश्वसनीयता पर भी उंगली उठाई है:
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बिना समय सीमा की जांच: भाजपा शुरू से ही इस मामले के लिए गठित एसआईटी और सीआईडी टीम के सदस्यों की निष्पक्षता पर प्रश्न उठाती रही है। जांच रिपोर्ट सौंपने के लिए कोई समय सीमा (Deadline) तय न करना सरकार की ढीली नीयत को साफ करता है।
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सड़क से सदन तक होगा आंदोलन: शाहदेव ने चेतावनी दी कि भाजपा झारखंड की गरीब, आदिवासी और मूलवासी जनता की गाढ़ी कमाई के पैसे की लूट को बर्दाश्त नहीं करेगी। भाजपा इस मुद्दे को दबने नहीं देगी और जनता के पैसे की एक-एक पाई का हिसाब लेने के लिए सड़क से लेकर सदन तक उग्र आंदोलन करेगी।
भाजपा की प्रमुख मांगें:
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ट्रेजरी घोटाले की जांच को पूरी तरह समयबद्ध (Time-bound) किया जाए।
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प्रथम दृष्टया दोषी पाए गए सभी उच्चाधिकारियों और ट्रेजरी अफसरों को तत्काल प्रभाव से निलंबित (Suspend) किया जाए ताकि वे जांच को प्रभावित न कर सकें।


















