लखनऊ की घटना प्रदेश के लिए बड़ा सबक: सीएम योगी का सख्त आदेश— बेसमेंट में कोचिंग और नर्सिंग होम पूरी तरह प्रतिबंधित
“सुरक्षा मानकों से कोई समझौता नहीं होगा, लेकिन अभियान के नाम पर किसी नागरिक का उत्पीड़न भी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।” — मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
लखनऊ:मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ के अलीगंज में हुई दुर्भाग्यपूर्ण आग की घटना को पूरे उत्तर प्रदेश के लिए एक बड़ा सबक बताया है। वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक विशेष समीक्षा बैठक करते हुए मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि मानव जीवन की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने पूरे प्रदेश में मिशन मोड में व्यापक फायर सेफ्टी ऑडिट अभियान चलाने के कड़े निर्देश दिए हैं।
मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि आवासीय भवनों में व्यावसायिक गतिविधियां और विशेष रूप से बेसमेंट में कोचिंग संस्थान या नर्सिंग होम का संचालन किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा।
🚨 सीएम योगी के 5 बड़े और कड़े निर्देश (Key Directives)
नो बेसमेंट एक्टिविटी: बेसमेंट अगर पार्किंग के लिए स्वीकृत है, तो वहां सिर्फ पार्किंग होगी। कोचिंग या नर्सिंग होम नहीं चलेंगे।
फायर NOC डिस्प्ले: सभी व्यावसायिक भवनों को अग्निशमन विभाग से मिली NOC (अनापत्ति प्रमाणपत्र) परिसर में साफ तौर पर प्रदर्शित करनी होगी।
उत्पीड़न पर रोक: पहले व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया जाए, उसके बाद ही कार्रवाई हो। चेकिंग के नाम पर किसी नागरिक को परेशान न किया जाए।
बिजली लोड की जांच: व्यावसायिक भवनों के वास्तविक विद्युत भार (विद्युत लोड) की जांच होगी। गड़बड़ी मिलने पर कठोरतम कार्रवाई की जाएगी।
रिस्पॉन्स टाइम में कमी: आपातकालीन सेवाओं (Fire Brigade & Ambulance) का रिस्पॉन्स टाइम और कम करने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं।
हर जिले में बनेगी विशेष टीम, अस्पतालों और मॉल की होगी जांच
मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार, उत्तर प्रदेश के सभी जनपदों में विशेष टीमों का गठन किया जाएगा। यह टीमें अस्पतालों, नर्सिंग होमों, मेडिकल कॉलेजों, कोचिंग संस्थानों, शॉपिंग मॉल, सरकारी भवनों और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों का सघन फायर ऑडिट करेंगी।
इसके साथ ही, राज्य के सभी कोचिंग संस्थानों का विधिवत पंजीकरण (Registration) अनिवार्य करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
आधुनिक उपकरणों से लैस होगा अग्निशमन विभाग
बैठक के दौरान महानिदेशक अग्निशमन सेवा ने मुख्यमंत्री को विभाग की तैयारियों की जानकारी दी:
प्रदेश की 350 तहसीलों में से 296 में इस समय 326 स्थायी अग्निशमन केंद्र संचालित हैं।
26 नए फायर स्टेशन बनकर तैयार हैं और जल्द ही इनका लोकार्पण होगा।
25 नए केंद्रों का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है और 47 अन्य के लिए प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार है।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि अग्निशमन विभाग को हाई-टेक बनाने के लिए आधुनिक उपकरणों, संसाधनों और नवीनतम तकनीकों की उपलब्धता में कोई देरी न की जाए।
जनसुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता
हाल ही में नई दिल्ली में हुई अग्नि दुर्घटना का संदर्भ देते हुए सीएम योगी ने अधिकारियों को सचेत किया। उन्होंने कहा, “अग्नि सुरक्षा मानकों का पालन केवल एक कानूनी औपचारिकता नहीं है, बल्कि यह सीधे तौर पर इंसान की जिंदगी से जुड़ा मामला है। सभी विभाग आपस में तालमेल बिठाकर एक सुरक्षित और जवाबदेह व्यवस्था सुनिश्चित करें।”
This website uses cookies. By continuing to use this website you are giving consent to cookies being used. Visit our Privacy and Cookie Policy. I Agree