🏹 “दिशोम गुरु को पद्म भूषण मिलना पूरे झारखंड का गौरव, लेकिन वे ‘भारत रत्न’ के असली हकदार”: जेएमएम महासचिव विनोद कुमार पांडेय
रांची: झारखंड के महान जननायक, अलग राज्य आंदोलन के प्रमुख शिल्पकार और दिशोम गुरु शिबू सोरेन को मरणोपरांत (Posthumously) देश के प्रतिष्ठित पद्म भूषण सम्मान से नवाजे जाने पर झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) ने गहरी प्रसन्नता व्यक्त की है। पार्टी के केंद्रीय महासचिव विनोद कुमार पांडेय ने इसे झारखंड की साढ़े तीन करोड़ जनता, आदिवासी समाज और अलग राज्य के आंदोलन से जुड़े लाखों बलिदानियों के संघर्ष का सच्चा सम्मान बताया है।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति भवन में आयोजित गरिमामयी समारोह में दिशोम गुरु की धर्मपत्नी श्रीमती रूपी सोरेन द्वारा यह सम्मान ग्रहण किया जाना पूरे झारखंड के लिए गर्व, सम्मान और भावुक कर देने वाला ऐतिहासिक क्षण है।
🏛️ “यह एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि जल-जंगल-जमीन के संघर्ष का सम्मान है”
जेएमएम महासचिव विनोद कुमार पांडेय ने शिबू सोरेन की गौरवशाली विरासत को याद करते हुए कहा:
”दिशोम गुरु का संपूर्ण जीवन जल, जंगल, जमीन, आदिवासी अस्मिता, सामाजिक न्याय और शोषित-वंचित समुदायों के अधिकारों की रक्षा के लिए समर्पित रहा। रामगढ़ के सुदूर नेमरा गांव से शुरू हुआ उनका जन-आंदोलन झारखंड राज्य निर्माण के मुकाम तक पहुंचा। उन्होंने अपने अदम्य साहस और जनसमर्पण के बल पर करोड़ों आदिवासियों और मूलवासियों की आकांक्षाओं को आवाज दी। यह सम्मान केवल एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि उस महान विचार और आंदोलन की विरासत का सम्मान है, जिसने झारखंड को अपनी विशिष्ट पहचान दिलाई।”
🎖️ केंद्र सरकार से बड़ी मांग: शिबू सोरेन को मिले ‘भारत रत्न’
विनोद कुमार पांडेय ने गुरुजी को पद्म भूषण दिए जाने पर राष्ट्र का आभार जताया, लेकिन साथ ही देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान की मांग भी पुरज़ोर तरीके से उठाई:
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भारत रत्न के वास्तविक हकदार: झामुमो महासचिव ने कहा कि पद्म भूषण सम्मान से राष्ट्र ने गुरुजी के ऐतिहासिक योगदान को स्वीकार तो किया है, लेकिन यह गौरव और भी बड़ा होता यदि देश उन्हें ‘भारत रत्न’ से सम्मानित करता।
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अद्वितीय योगदान: गुरुजी का सामाजिक, राजनीतिक, मानवीय और शोषितों को न्याय दिलाने का योगदान इतना व्यापक है कि वे देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान के सच्चे हकदार हैं।
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केंद्र सरकार से पुनः आग्रह: झारखंड मुक्ति मोर्चा केंद्र सरकार से यह मांग करता है कि राष्ट्र निर्माण और सामाजिक न्याय में दिशोम गुरु शिबू सोरेन के अप्रतिम और अतुलनीय योगदान को देखते हुए उन्हें मरणोपरांत ‘भारत रत्न’ से सम्मानित करने पर गंभीरता से विचार किया जाए।
🏹 आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत हैं गुरुजी
प्रेस विज्ञप्ति के अंत में विनोद कुमार पांडेय ने कहा कि शिबू सोरेन ने केवल झारखंड राज्य निर्माण का नेतृत्व नहीं किया, बल्कि समाज के अंतिम पायदान पर खड़े किसानों, मजदूरों और गरीबों को महाजनी प्रथा व शोषण के खिलाफ लड़ना सिखाया। उनका त्याग, तपस्या और जीवन मूल्य आने वाली पीढ़ियों के लिए हमेशा प्रेरणा का स्रोत रहेंगे और उनके विचार सदैव समाज को सही दिशा दिखाते रहेंगे।


















